कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों, तो जेब में महज कुछ डॉलर लेकर भी पूरी दुनिया जीती जा सकती है. यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी लग सकती है, लेकिन यह बिल्कुल सच है.
एक दौर था जब हैदराबाद का एक 21 साल का नौजवान जब पढ़ाई करने कनाडा पहुंचा, तो उसकी जेब में सिर्फ 8 कनाडाई डॉलर थे. पेट पालने और पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए उसने घर-घर जाकर वैक्यूम क्लीनर और मिक्सी-ग्राइंडर बेचे. और आज वही इंसान भारत के बैंकिंग इतिहास की सबसे बड़ी डील्स में से एक का सबसे बड़ा हीरो बनकर उभरा है.
हम बात कर रहे हैं प्रेम वत्स (Prem Watsa) की, जिन्हें दुनिया कनाडा का वॉरेन बफेट कहती है. उनकी कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स (Fairfax Financial Holdings) की सहयोगी इकाई ने IDBI बैंक में 60.72% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 52,878 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बोली लगाई है, जिसे सरकार की हरी झंडी मिल चुकी है. 8 डॉलर से 53 हजार करोड़ रुपये तक के इस जादुई सफर की पूरी कहानी यहां पढ़ें:
हैदराबाद से कनाडा: वैक्यूम क्लीनर बेचने से हुई शुरुआत
प्रेम वत्स का जन्म 1950 में हैदराबाद में हुआ था. वे पढ़ाई में बेहद होनहार थे और उन्होंने 1971 में देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. इसके बाद पिता की सलाह पर वे आगे की पढ़ाई (MBA) के लिए कनाडा की वेस्टर्न ओंटारियो यूनिवर्सिटी चले गए.
कनाडा पहुंचने के बाद शुरुआती दिन बहुत कठिन थे:
जब वत्स कनाडा पहुंचे थे, तब उनकी जेब में केवल 8 डॉलर थे. विदेशी धरती पर सर्वाइव करने के लिए उन्होंने सेल्समैन की नौकरी की. घर-घर जाकर होम अप्लायंसेज बेचे. घूम-घूम कर इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचते थे, जिससे मिलने वाले कमीशन से अपने खाने और हॉस्टल की फीस का बंदोबस्त करते थे.
इंश्योरेंस की दुनिया से बने कनाडा के वॉरेन बफेट
1974 में MBA पूरा करने के बाद प्रेम वत्स ने कन्फेडरेशन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में पोर्टफोलियो मैनेजर के रूप में काम करना शुरू किया. सन 1985 में उन्होंने एक छोटी कनाडाई बीमा कंपनी को खरीदा और उसका नाम बदलकर Fairfax Financial रखा. Fairfax शब्द का मतलब है – Fair and Friendly Acquisitions यानी ईमानदारी और सहयोग से कंपनियों को खरीदना.
वत्स ने 30 जून 2026 तक 109 अरब डॉलर का एम्पायर खड़ा कर दिया. दरअसल, इंश्योरेंस से मिलने वाले प्रीमियम (Float Money) को सही जगह इन्वेस्ट करके उन्होंने फेयरफैक्स को दुनिया के सबसे शक्तिशाली निवेश समूहों में शामिल कर दिया.
भारत में कहां-कहां फैला है प्रेम वत्स का साम्राज्य?
प्रेम वत्स भले ही कनाडा में रहते हों, लेकिन भारत से उनका दिल हमेशा जुड़ा रहा. फेयरफैक्स ने भारत के कई बड़े सेक्टर्स में भारी भरकम निवेश किया है. जैसे कि बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट (BIAL) में सबसे बड़ी हिस्सेदारी है इनकी. इसके अलावा ट्रैवल और फॉरेक्स सेक्टर के दिग्गज नाम थॉमस कुक इंडिया (Thomas Cook India) में भी निवेश है.
CSB बैंक (कैथोलिक सीरियन बैंक), डिजिट इंश्योरेंस (Go Digit), IIFL कैपिटल और फेयरफैक्स इंडिया जैसे बैंकिंग और इंश्योरेंस कंपनियों में भी फेयरफैक्स का भारी भरकम निवेश है.
8 कनाडाई डॉलर से शुरू हुई प्रेम वत्स की यह कहानी साबित करती है कि अगर आपके पास दूरदृष्टि (Vision), रिस्क लेने का साहस और अनुशासन है, तो परिस्थितियां चाहें कितनी भी मुश्किल क्यों न हों, सफलता कदम चूमती है. IDBI बैंक का अधिग्रहण न केवल प्रेम वत्स के सफर का नया स्वर्णिम अध्याय है, बल्कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए भी एक नए युग की शुरुआत है.