कई लोगों को लगता है कि अगर उनकी सैलरी या कमाई अच्छी है, तो वे आर्थिक रूप से बहुत मजबूत हैं. लेकिन असलियत इससे काफी अलग है. अच्छी कमाई होना और आर्थिक रूप से मजबूत होना दो अलग-अलग बातें हैं. अक्सर देखा जाता है कि मोटी सैलरी वाले लोग भी महीने के आखिर में पैसों के लिए परेशान रहते हैं, जबकि सीमित आमदनी वाले लोग सही प्लानिंग के दम पर एक बड़ा फंड तैयार कर लेते हैं.
बढ़ती महंगाई के इस दौर में सिर्फ पैसे कमाना काफी नहीं है, बल्कि उस पैसे को सही जगह संभालना और बढ़ाना भी जरूरी है. आइए जानते हैं पर्सनल फाइनेंस के ऐसे 8 स्मार्ट टिप्स, जो आपके भविष्य को आर्थिक रूप से पूरी तरह सुरक्षित बना देंगे.
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6 से 12 महीने का इमरजेंसी फंड (Emergency Fund) बनाएं
किसी भी निवेश की शुरुआत करने से पहले एक इमरजेंसी फंड बनाना सबसे ज्यादा जरूरी है. आपके पास कम से कम 6 से 12 महीने के जरूरी खर्चों के बराबर की रकम अलग से सुरक्षित होनी चाहिए. यह पैसा अचानक नौकरी जाने, किसी मेडिकल इमरजेंसी या परिवार में आए अचानक बड़े खर्चों में आपकी मदद करेगा और आपकी सालों की बचत को डूबने से बचाएगा.
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परिवार के लिए टर्म इंश्योरेंस (Term Insurance) जरूर लें
अगर आपके परिवार की वित्तीय जरूरतें आपकी कमाई पर निर्भर हैं, तो टर्म इंश्योरेंस लेना बेहद जरूरी है. शादी और बच्चों की जिम्मेदारी आने के बाद टर्म प्लान एक ढाल की तरह काम करता है. किसी अनहोनी की स्थिति में यह आपके परिवार को आर्थिक रूप से बेसहारा नहीं होने देता.
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हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) से सुरक्षित करें अपनी सेविंग्स
आज के समय में अस्पताल और इलाज के खर्चे इतने बढ़ गए हैं कि एक गंभीर बीमारी इंसान की पूरी जिंदगी की कमाई को कुछ ही दिनों में खत्म कर सकती है. हेल्थ इंश्योरेंस होने से मेडिकल इमरजेंसी के दौरान आपको जेब से पैसे खर्च नहीं करने पड़ते और आपका ओरिजिनल इन्वेस्ट सुरक्षित रहता है.
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जितना जल्दी हो सके, निवेश (Investment) शुरू करें
निवेश शुरू करने के लिए किसी सही समय या ज्यादा कमाई का इंतजार न करें. जितनी जल्दी आप इन्वेस्ट करना शुरू करेंगे, आपको कंपाउंडिंग (ब्याज पर ब्याज) का उतना ही ज्यादा फायदा मिलेगा. अगर आपकी आमदनी कम भी है, तो आप हर महीने 500 या 1000 रुपये की छोटी SIP से भी शुरुआत कर सकते हैं.
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सैलरी बढ़ते ही निवेश (Investment) का दायरा बढ़ाएं
अक्सर सैलरी बढ़ते ही लोग अपने शौक और लाइफस्टाइल पर ज्यादा खर्च करने लगते हैं, जिसे लाइफस्टाइल इंफ्लेशन कहते हैं. अगर कमाई के साथ-साथ सिर्फ खर्चे ही बढ़ेंगे, तो बचत हमेशा शून्य ही रहेगी. सही तरीका यह है कि जैसे ही आपकी सैलरी या बिजनेस इनकम बढ़े, उसी अनुपात में अपने मंथली इन्वेस्टमेंट को भी बढ़ा दें.
महंगे लोन और क्रेडिट कार्ड के जाल से दूर रहें
क्रेडिट कार्ड का बकाया और महंगे पर्सनल लोन आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग को पूरी तरह बर्बाद कर सकते हैं. क्रेडिट कार्ड का बिल हमेशा समय पर चुकाएं, वरना उस पर लगने वाला भारी ब्याज आपको कर्ज के जाल में फंसा सकता है. दिखावे के लिए कभी भी महंगा पर्सनल लोन न लें और हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार ही खर्च करें.
सारा पैसा एक ही जगह न लगाएं
फाइनेंस का सबसे बड़ा नियम है कि अपने सारे अंडे एक ही टोकरी में न रखें. अपनी जोखिम उठाने की क्षमता (Risk Tolerance) के अनुसार अपने पैसों को अलग-अलग जगह बांटें. कुछ पैसा इक्विटी (म्यूचुअल फंड/शेयर), कुछ डेट (FD/PPF), सोने (Gold) और बाकी सुरक्षित विकल्पों में लगाएं. इससे आपका रिस्क काफी कम हो जाता है.
हर साल अपने फाइनेंशियल प्लान की समीक्षा करें
- समय के साथ आपकी जिंदगी और आर्थिक लक्ष्य बदलते रहते हैं.
- शादी, बच्चों की पढ़ाई, नया घर या रिटायरमेंट जैसे लक्ष्यों के साथ आपकी निवेश की जरूरतें भी बदलती हैं.
- इसलिए साल में कम से कम एक बार अपने पूरे इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो का रिव्यू जरूर करें और जरूरत के हिसाब से उसमें बदलाव करें.
आर्थिक रूप से मजबूत बनना कोई रातों-रात होने वाला जादू नहीं है, बल्कि यह एक अनुशासित आदत (Discipline) है. आज से ही इन 8 पर्सनल फाइनेंस रूल्स को अपनी जिंदगी में शामिल करें और अपने कल को पूरी तरह चिंतामुक्त बनाएं.