ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को लेकर सरकारी गलियारों में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है. केंद्र सरकार के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने एक अहम स्पष्टीकरण (Clarification) जारी किया है, जिसके तहत कुछ खास केंद्रीय कर्मचारियों को नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से निकलकर पुरानी पेंशन योजना (OPS) चुनने का एक बड़ा मौका मिल गया है.
हालांकि, यह ध्यान देना जरूरी है कि यह राहत सभी कर्मचारियों के लिए नहीं है, बल्कि एक बेहद खास कैटेगरी के तहत अनुकंपा के आधार पर (Compassionate Grounds) नियुक्त हुए कर्मचारियों के लिए है. आइए, बिल्कुल आसान और बोलचाल की भाषा में समझते हैं कि सरकार ने क्या बदलाव किया है और इसका फायदा किन-किन कर्मचारियों को मिलने वाला है.
क्या है नया नियम और DoPPW का स्पष्टीकरण?
1 जनवरी, 2004 को देश में एनपीएस (NPS) लागू किया गया था. इसके बाद नौकरी में आने वाले सभी केंद्रीय कर्मचारियों को एनपीएस के तहत कवर किया गया. लेकिन कई ऐसे मामले सामने आए जहां दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन 31 दिसंबर, 2003 से पहले ही कर दिया था, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रिया की वजह से उनकी जॉइनिंग या नियुक्ति 1 जनवरी, 2004 को या उसके बाद हुई.
इस वजह से आवेदन पहले करने के बावजूद उन्हें पुरानी पेंशन (OPS) के बजाय एनपीएस में डाल दिया गया था. अब DoPPW ने 22 जून, 2026 के अपने ऑफिस मेमोरेंडम (OM) में साफ कर दिया है कि अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में नियुक्ति की तारीख (Date of Appointment) नहीं, बल्कि आवेदन की तारीख (Date of Application) को ही कट-ऑफ माना जाएगा.
कौन-कौन से कर्मचारी हैं ओपीएस (OPS) के पात्र?
इस फैसले के तहत सिर्फ वही कर्मचारी ओपीएस चुनने के हकदार होंगे जो इन शर्तों को पूरा करते हैं:
31 दिसंबर, 2003 से पहले का आवेदन: अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने के लिए आवेदन 31 दिसंबर, 2003 या उससे पहले जमा किया गया हो.
योग्यता पूरी होना: आवेदन की तारीख के समय उम्मीदवार नौकरी की सभी जरूरी शर्तें और योग्यताएं पूरी करता हो.
2004 के बाद जॉइनिंग: भले ही आपकी नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) या जॉइनिंग 1 जनवरी, 2004 को या उसके बाद की हो, तब भी आप ओपीएस चुन सकते हैं.
क्या यह नियम सभी सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगा?
जी नहीं! सरकार ने साफ किया है कि यह कोई सामान्य आदेश (Blanket Order) नहीं है. नियमित भर्ती (Regular Recruitment) के जरिए भर्ती हुए कर्मचारियों पर यह लागू नहीं होगा.
स्वायत्त निकायों (Autonomous Bodies) जैसे सीएसआईआर (CSIR) आदि के लिए संबंधित विभागों को इसे अलग से अपनाना होगा. सीएसआईआर ने 7 जुलाई, 2026 को इसे लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं. अन्य स्वायत्त संस्थाएं अपने हिसाब से इस पर फैसला लेंगी.
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