नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक विमानन परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का नया इंजन साबित हो रहा है। रिपोर्ट बताती है कि 2020 से 2025 के बीच इस क्षेत्र में अपार्टमेंट की कीमतें लगभग 3 गुना बढ़ गई हैं, जबकि कुछ खास इलाकों में प्लॉट की कीमतों में 5 गुना तक का भारी उछाल देखा गया है।
अगले 2 साल का भविष्य: कितनी बढ़ेगी कीमत?
विशेषज्ञों का अनुमान है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के कारण आने वाले दो वर्षों (2026-2028) में भी यह तेजी जारी रहेगी। प्लॉट (Plots) में लगभग 28% की अतिरिक्त वृद्धि की उम्मीद है, वहीं अपार्टमेंट (Apartments) में लगभग 22% की बढ़ोतरी का अनुमान है।
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एयरोट्रोपोलिस मॉडल: वैश्विक स्तर का विकास
जेवर एयरपोर्ट को एम्सटर्डम के शिफोल एयरपोर्ट की तर्ज पर एक एयरोट्रोपोलिस के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका मतलब है कि एयरपोर्ट के चारों ओर केवल रनवे नहीं, बल्कि आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब का एक आत्मनिर्भर शहरी इकोसिस्टम होगा। इससे रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे।
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निवेश का नया हॉट-स्पॉट
जेवर एयरपोर्ट की सालाना क्षमता 225 मिलियन यात्रियों को संभालने की होगी, जो इसे दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल करेगा। मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और यमुना एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी ने इसे एंड-यूजर (रहने वाले) के साथ-साथ निवेशकों के लिए भी पहली पसंद बना दिया है।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट के आसपास का बाजार अब परिपक्व (Mature) हो रहा है। यदि आप लंबी अवधि के निवेश की तलाश में हैं, तो यमुना एक्सप्रेसवे के माइक्रो-मार्केट्स अभी भी भविष्य में शानदार रिटर्न (ROI) देने की क्षमता रखते हैं।