देश में उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का जोर, दूसरों पर निर्भरता कम करना जरूरी: निर्मला सीतारमण

निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार देश में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने और दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने के लिए उद्योगों को जरूरी मदद दे रही है.

nirmala sitharaman

‘भारत शक्ति पॉन्डी लिट फेस्ट’ के दौरान कार्यक्रम को संबोधित करतीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण. (Image- X/@nsitharamanoffc)

विज्ञापन

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि केंद्र सरकार देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने के लिए उद्योगों को जरूरी मदद दे रही है. उन्होंने कहा कि सरकार उन कंपनियों की मदद कर रही है, जो विदेशों से सामान मंगाने के बजाय भारत में ही उत्पादन बढ़ाना चाहती हैं. सीतारमण ने शुक्रवार को ‘भारत शक्ति पॉन्डी लिट फेस्ट’ में एक संवाद कार्यक्रम के दौरान यह बात कही.

चीन में एक्सपोर्ट बढ़ाने की जरूरत

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के एक्सपोर्ट के आंकड़ों से लगता है कि चीन में भारत का एक्सपोर्ट काफी कम है. हालांकि, कुछ भारतीय सामान पहले वियतनाम जैसे देशों में जाते हैं और वहां से चीन पहुंचते हैं. ऐसे में वह चीन को भारत से सीधे किए गए एक्सपोर्ट में नहीं माना जाता. उन्होंने कहा कि भारत को चीन के बाजार में उन सामानों के लिए पर्याप्त पहुंच नहीं मिल रही है, जिनका कारोबार काफी बड़ा है. सीतारमण ने कहा कि भैंस का मांस और जेनेरिक दवाएं ऐसे उत्पाद हैं, जिन्हें चीन भारत से खरीदता है, लेकिन कई बार ये सामान किसी दूसरे देश के रास्ते के जरिए वहां पहुंचते हैं.

Advertisment

विपक्ष के GDP आंकड़ों और मुफ्त योजनाओं पर बोलीं वित्त मंत्री

सीतारमण ने विपक्ष पर GDP के आंकड़ों को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात से दुख होता है कि कुछ लोग भारत की किसी विफलता पर खुश होते हैं. उन्होंने कहा कि देश और उसके लोग कई मुश्किलों के बावजूद आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं और इसी वजह से भारत तरक्की कर रहा है. मुफ्त योजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि अगर किसी योजना के लिए उचित बजट है और वह आर्थिक रूप से टिकाऊ है, तो उसे सिर्फ ‘मुफ्त की रेवड़ी’ कहकर मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए.

UPI पर MDR को लेकर भी कहा

डिजिटल पेमेंट और UPI को लेकर उठ रही चिंताओं पर सीतारमण ने कहा कि प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) कोई टैक्स, सेस या सरचार्ज नहीं है. इसकी रकम सरकार के खाते में नहीं जाएगी. उन्होंने बताया कि यह शुल्क व्यापारी और पेमेंट सर्विस देने वाली कंपनियों के बीच रहेगा और इसका बोझ सीधे ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ