महाराष्ट्र के किसानों के लिए दिवाली से पहले ही दिवाली आ गई. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा ऐलान कर दिया है कि राज्य के हर किसान के खाते में दिवाली से पहले 5000 रुपये की मदद भेजी जाएगी. सीएम ने साफ कहा कि सरकार केंद्र से मदद का इंतजार नहीं करेगी. किसानों को अभी पैसों की जरूरत है, इसलिए राज्य सरकार अपने खजाने से ये अंतरिम मदद दे रही है.
क्यों दिया जा रहा है ये पैसा?
इस साल महाराष्ट्र में बारिश ने धोखा दे दिया. जून से सितंबर तक सिर्फ 80% ही बारिश हुई. सोलापुर जैसे जिले में तो आधी बारिश भी नहीं हुई. हालत इतनी खराब है कि सरकार को 34 जिलों के 305 तालुकों में सूखा घोषित करना पड़ा. मतलब राज्य का 75% हिस्सा सूखे की चपेट में है. सबसे ज्यादा मार मराठवाड़ा, विदर्भ, उत्तर महाराष्ट्र और पुणे संभाग में पड़ी है.
इसीलिए सीएम फडणवीस ने खुद सितंबर में सूखाग्रस्त गांवों का दौरा किया था और वादा किया था कि किसानों को तुरंत राहत दी जाएगी. 5000 रुपये वाला ऐलान उसी वादे का पहला कदम है.
सिर्फ 5000 रुपये ही नहीं, और भी राहत मिलेगी
सरकार सिर्फ पैसा ही नहीं दे रही और भी कई राहतों का ऐलान किया है-
- फसल कर्ज वसूली पर पूरी रोक
- बिजली बिल में छूट
- फसल लोन का नया स्ट्रक्चर, ब्याज में राहत
- स्कूल फीस में छूट
- फसल खराब होने का अलग से मुआवजा
सरकार का कहना है कि दिवाली से पहले केंद्र से मदद आने की उम्मीद नहीं है, इसलिए ये 5000 रुपये अंतरिम मदद है. बाद में केंद्र से पैसा आया तो और मदद भी मिलेगी. अगर आप महाराष्ट्र के किसान हैं तो अपना आधार और बैंक अकाउंट लिंक रखो, पैसा सीधे DBT से खाते में आएगा.
FAQ
महाराष्ट्र में किसानों को 5000 रुपये कब मिलेंगे?
A: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनुसार दिवाली 2026 से पहले किसानों के बैंक खाते में 5000 रुपये की अंतरिम मदद भेज दी जाएगी.
महाराष्ट्र में कितने तालुकों में सूखा घोषित हुआ है?
A: 34 जिलों के 305 तालुकों में सूखा घोषित किया गया है जो राज्य के 75% हिस्से को कवर करता है.