Tech Layoffs: छोटी कंपनियां छोड़िए, अब बड़ी से बड़ी और दुनिया में नाम कमा रही कंपनियां लोगों को नौकरी से निकाल रही है। कर्मचारियों के लिए यह सर्दी का मौसम कुछ अच्छी खबर नहीं लेकर आ रहा है। कई तकनीकी कंपनियों ने कम समय में बड़े पैमाने पर छंटनी का विकल्प चुना है। लोगों को उनके सपनों की नौकरी से निकाला जा रहा है। मेटा से अमेजन तक, छंटनी खतरनाक दर पर हो रही है। क्लब में शामिल होने वाला नवीनतम अमेजन है। इस टेक दिग्गज ने पिछले सप्ताह 10,000 कर्मचारियों को निकालने का फैसला किया था। अन्य प्रमुख टेक कंपनियों, जैसे मेटा, ट्विटर, स्नैप और माइक्रोसॉफ्ट ने भी नौकरी में कटौती करने का फैसला किया है।
अभी पढ़ें – Post Office New Policy: बेहद खास है पोस्ट ऑफिस की ये स्कीम, 100 रुपये की बचत भी देगी मोटा कमाई
बड़े पैमाने पर छंटनी क्यों?
यहां सवाल यह है कि अचानक ये बड़ी टेक कंपनियां बड़े पैमाने पर छंटनी क्यों कर रही हैं? इसको लेकर हम पांच ऐसी वजह लेकर आए हैं, जिनसे यह कंपनियां प्रभावित नजर आ रही हैं। इसी कारण यह छटनी पर जोर दे रही हैं।
- महामारी: महामारी के दौरान, मांग में उछाल आया क्योंकि लोग लॉकडाउन में थे और वे इंटरनेट पर बहुत समय बिता रहे थे। समग्र खपत में वृद्धि देखी गई जिसके बाद कंपनियों ने बाजार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपने उत्पादन में वृद्धि की।
- महामारी के दौरान ओवर हायरिंग: मांगों को पूरा करने के लिए कई तकनीकी कंपनियों ने महामारी के बाद भी उछाल जारी रहने की आशंका जताते हुए काम पर रखा। हालांकि, जैसे-जैसे प्रतिबंधों में ढील दी गई और लोगों ने अपने घरों से बाहर निकलना शुरू किया, काम गिर गया, जिसके परिणामस्वरूप इन बड़ी टेक कंपनियों को भारी नुकसान हुआ। इनमें से कुछ संसाधनों को मांग में अचानक वृद्धि के कारण उच्च कीमत पर नौकरी पर रखा गया था।
अभी पढ़ें – Bumper FD Interest Rate: वरिष्ठ नागरिकों की लगी लॉटरी, ये बैंक 9% तक की ब्याज दर से देगा रिटर्न
- मंदी का डर: चूंकि मांग पूर्व-कोविड स्तर पर वापस आ रही है और कर्ज बढ़ने और मंदी के डर को देखते हुए, ये कंपनियां कम चलने वाली परियोजनाओं को बंद करके और विकास को गति देने के लिए किराए पर लिए गए अतिरिक्त और उच्च लागत वाले संसाधनों को बंद करके अपनी लागत में कटौती कर रही हैं।
- रूस-यूक्रेन युद्ध: युद्ध ने भी इन छंटनी में अपने जाने-अनजाने योगदान दिया है क्योंकि इसने बाजार को और अधिक अस्थिर बना दिया है।
- मुद्रास्फीति: बढ़ती महंगाई ने कई विश्व अर्थव्यवस्थाओं को भी बुरी तरह प्रभावित किया है जिससे नौकरी के बाजार में भी संकट पैदा हो गया है। दुनिया इस समय इन सभी उतार-चढ़ावों से उबरने के लिए एक रीसेट बटन दबा रही है।
अभी पढ़ें – बिजनेस से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें
संबंधित खबरें
करवाचौथ पर चांद निकलते ही चांदी के दाम धड़ाम, 1.90 लाख के नीचे पहुंची कीमत
8 hrs ago8 रुपये प्रति लीटर तक महंगा होगा दूध, राज्य सरकार का बड़ा फैसला
13 hrs agoजुलाई-सितंबर तिमाही में 7.35% रहेगी भारत की GDP ग्रोथ: वित्त मंत्रालय
13 hrs agoअंबुजा सीमेंट्स Q2 नतीजे जारी, 9197 करोड़ रुपये रहा रेवेन्यू, जानें अपडेट
14 hrs agoसेंसेक्स में 600 अंकों की तूफानी तेजी, जानिए बाजार में अचानक उछाल की वजहें
16 hrs agoPNB में डिजिटल डकैती, ग्रेटर नोएडा में बैंक ग्राहकों के कैसे डूबे 35 करोड़
18 hrs agoAmazon में किंडल और इको टीम से 250 कर्मचारियों की छंटनी, AI बना बड़ी वजह
19 hrs agoचीन में फूटा AI का बुलबुला, 4 महीने में स्वाहा हुए 40 लाख करोड़ रुपये
21 hrs agoप्लास्टिक नोट को सरकार से मंजूरी, छपेंगे 10 और 20 रुपये के 1 अरब पॉलिमर नोट
22 hrs agoपीएम किसान की 24वीं किस्त कल होगी जारी, आज ही चेक कर लें अपना स्टेटस
22 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines