Know About Health Insurance and Top Up Plan : हेल्थ इमरजेंसी कब पड़ जाए कुछ कह नहीं सकते। अगर हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है तो इलाज का खर्च कर्ज से भी दबा सकता है। इसलिए काफी फाइनेंशियल एक्सपर्ट हेल्थ इंश्योरेंस लेने के लिए कहते हैं। इन दिनों हेल्थ इंश्योरेंस काफी बैंक और दूसरी कंपनियां दे रही हैं। जब भी हेल्थ इंश्योरेंस लें तो उससे जुड़ी सारी जानकारियां जरूर ले लें ताकि क्लेम के समय परेशानी न आए।
कितने रुपये का लें हेल्थ इंश्योरेंस
जब भी हेल्थ इंश्योरेंस लेते हैं तो सबसे पहला सवाल दिमाग में आता है कि कितने रुपये के कवर का हेल्थ इंश्योरेंस काफी रहेगा। अगर कोई शख्स इमरजेंसी में अस्पताल में भर्ती हो जाए तो कम से कम 1 लाख रुपये का बिल बन ही जाता है। अगर परिवार में आप खुद, पति/पत्नी और दो बच्चे (उम्र 15 साल तक) हैं तो कम से कम 5 लाख रुपये के कवर वाला हेल्थ इंश्योरेंस जरूर लें।
कितने का आएगा प्रीमियम
अगर परिवार में आप खुद, पति/पत्नी और दो बच्चे (उम्र 15 साल तक) हैं और 5 लाख रुपये के कवर वाला हेल्थ इंश्योरेंस लेना चाहते हैं तो इसका सालाना प्रीमियम 8 हजार रुपये से 10 हजार रुपये हो सकता है। प्रीमियम की रकम हेल्थ इंश्योरेंस देने वाली अलग-अलग कंपनियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। ऐसे में बेहतर होगा कि हेल्थ इंश्योरेंस लेने से पहले एक से ज्यादा कंपनियों के प्लान जान लें।
कम से कम 5 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस जरूर लें।
टॉप-अप भी ले सकते हैं
हेल्थ इंश्योरेंस में टॉप-अप प्लान भी काफी काम के होते हैं। आप मुख्य हेल्थ इंश्योरेंस के कवर को कम रखकर ज्यादा कवर वाला टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस ले सकते हैं। इनका प्रीमियम सामान्य हेल्थ इंश्योरेंस के मुकाबले काफी कम होता है। अगर आप मुख्य हेल्थ इंश्योरेंस 2 लाख रुपये के कवर वाला लेते हैं तो टॉप-अप 50 लाख रुपये का ले सकते हैं। ऐसे में आपका कुल प्रीमियम, मुख्य हेल्थ इंश्योरेंस के मुकाबले काफी कम हो जाएगा। टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस के बारे में उस कंपनी से ज्यादा जानकारी ले सकते हैं जो हेल्थ इंश्योरेंस देती हैं।
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हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय इन 5 टिप्स का ध्यान रखें
- किसी कंपनी का हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय कंपनी की सारी शर्तों को पढ़ लें। कुछ समझ न आए तो हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के एडवाइजर से सलाह लें। अगर कोई बीमारी है या पहले कोई सर्जरी हुई है तो इसके बारे में कंपनी को जरूर बताएं।
- कंपनी का उसका क्लेम सेटलमेंट प्रतिशत भी पूछें। जिस कंपनी का सेटलमेंट प्रतिशत ज्यादा हो, उसका हेल्थ इंश्योरेंस लेना बेहतर हो सकता है।
- अगर टॉप-अप प्लान ले रहे हैं तो यह उसी कंपनी का लें जिस कंपनी का मुख्य या बेसिक हेल्थ इंश्योरेंस लिया है। इसका सबसे बड़ा फायदा क्लेम के समय मिलता है।
- अगर बेसिक हेल्थ इंश्योरेंस फैमिली फ्लोटर (जिसमें परिवार के सभी सदस्य शामिल हैं) है तो टॉप-अप या सुपर टॉप-अप भी फैमिली फ्लोटर ही लें।
- हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने के बाद अगर आपको पता चलता है कि कंपनी ने कोई जानकारी गलत दी है तो आप उस हेल्थ इंश्योरेंस को वापस भी कर सकते हैं। यह पीरियड हेल्थ इंश्योंरेंस लेने के 30 दिन बाद तक का होता है।
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