सलाद की प्लेट ने दिया बिजनेस आइडिया! नौकरी छोड़ी, अब कमाते हैं 5 लाख रुपये महीना

Organic Microgreens Business Idea: किसी काम को शुरू करने के लिए किक की जरूरत होती है। वह किक आपको कहीं भी मिल सकती है। ऐसी ही किक बैंकर अजय गोपीनाथ को एक रेस्टोरेंट में सलाद की प्लेट से मिली।

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ऑर्गेनिक माइक्रोग्रीन्स

Organic Microgreens Business Idea: आज की दुनिया में लोग एक अच्छी नौकरी के लिए दिन रात मेहनत करते हैं। कई लोगों को उनके मन की नौकरी मिल पाती है तो कई को नहीं मिल पाती। कई ऐसा कहानियां आपने सुनी होंगी जिसमें कोई अपनी लाखों की नौकरी छोड़ने का रिस्क लेकर खुद का काम करने की सोचता है। कई इसमें नाकामयाब होते हैं तो कई को कामयाबी मिल जाती है। आज हम आपको बताएंगे ऐसे ही नौकरी छोड़कर एक कमरे में अपना काम शुरू करने वाले अजय गोपीनाथ के बारे में।

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बैंकर की नौकरी छोड़ी

अजय गोपीनाथ ने जोकि सिटीग्रुप के बैंकर थे, उन्होंने 2020 में इसको सिर्फ इसलिए छोड़ दिया क्योंकि वह अपना काम करना चाहते थे। 2020 में उन्होंने केरल के कोच्चि में अपने घर पर ऑर्गेनिक माइक्रोग्रीन्स उगाने का काम शुरू किया। अभी वह जिम, अस्पताल, होटल और खुदरा खरीदारों को ऑर्गेनिक माइक्रोग्रीन्स बेचते हैं। इसके अलावा वह भारत भर के किसानों को इनडोर खेती करने के लिए ट्रेनिंग भी देते हैं, जिससे वह हर महीने लगभग 5 लाख रुपये तक कमा लेते हैं।

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कैसे आया बिजनेस का आइडिया?

2017 में अजय गोपीनाथ अपने दोस्तों के साथ बेंगलुरु के एक रेस्टोरेंट में लंच करने गए थे। वहां पर उन्होंने सलाद की थाली में कुछ माइक्रोग्रीन्स देखे, जिन्हें देखकर उनको इसके बारे में जानने की इच्छा हुई। इसके बाद ही उन्होंने माइक्रोग्रीन्स पर रिसर्च करना शुरू कर दिया। अजय बताते हैं कि माइक्रोग्रीन की खेती के बारे में जानने के लिए YouTube पर बहुत से वीडियो देखे। जहां से उन्हें सरसों, मेथी, मूंग के माइक्रोग्रीन बनाने के लिए टिशू पेपर और अखबारों का यूज सीखा लेकिन वह इसको और ज्यादा जानना चाहते थे। इसके बाद अजय ने अपने बेडरूम में माइक्रोग्रीन्स की खेती शुरू करने का प्लान बनाया। इस कमरे से ही उनका ये खेती करने का सफर शुरू हुआ।

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क्या होते हैं माइक्रोग्रीन्स?

माइक्रोग्रीन्स (जिन्हें सात से दस दिन के अंदर काटे गए) में स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक फायदेमंद होते हैं। लेकिन आमतौर पर इनको खाने में इस्तेमाल नहीं किया जाता है, क्योंकि लोगों में अभी इसको लेकर जागरुकता कम है। हालांकि इनका इस्तेमाल 5 स्टार होटलों में किया जाता है। अजय का कहना है कि वह चाहते हैं कि आम लोगों तक इसकी पहुंच हो सके।

माइक्रोग्रीन्स 80-100 ग्राम के बॉक्स में पेक करके बेचे जाते हैं। जिनकी शुरुआती कीमत 150 रुपये तक होती है। इसमें सबसे सस्ती किस्म सूरजमुखी, मूली सफेद और सरसों की होती है। मंहगी किस्म में ऐमारैंथ, मक्का, ब्रोकोली, लाल गोभी, चुकंदर होता है, जिनकी कीमत 250 रुपये पर बॉक्स होती है।

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लेखक के बारे में

Shabnaz

Shabnaz

शबनाज़ खानम एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो वर्तमान में न्यूज़24 में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इंडिया डेली लाइव, ज़ी न्यूज़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में विभिन्न पदों पर ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। शबनाज़ ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्हें डिजिटल और टीवी दोनों में काम करने का 5 साल का अनुभव प्राप्त है और वे अपने संपादन कौशल, बारीक नज़र और विस्तृत कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। काम के अलावा, उन्हें सिनेमा और लाइफस्टाइल पर बातचीत करना बेहद पसंद है, जो उनकी कहानी कहने की गहरी रुचि को दर्शाता है।
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