Jio IPO: 1.39 करोड़ आवेदनों के साथ ₹7.4 लाख करोड़ की बिड्स, 26 राज्यों के बजट को पछाड़ा

रिलायंस जियो के आईपीओ ने आवेदनों और निवेश मांग के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किया है. कुल 1.39 करोड़ बोलियों के साथ यह लंदन की आबादी और दुनिया के 118 देशों से बड़ा आंकड़ा बन गया है. जानिए कैसे इस अकेले आईपीओ की मांग 26 राज्यों के सालाना खर्च से भी आगे निकल गई.

Jio IPO, Reliance Jio IPO, Jio IPO Global Record, 1.39 crore applications

रिलायंस जियो के आईपीओ ने आवेदनों और निवेश मांग के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किया है. Credit: AI

भारतीय पूंजी बाजार में रिलायंस जियो के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (Jio IPO) ने इतिहास रचते हुए वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर निवेशकों की जबरदस्त भागीदारी के चलते इस आईपीओ को कुल 1.39 करोड़ (13.9 मिलियन) आवेदन मिले हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा ‘ग्लोबल आईपीओ रिकॉर्ड’ है.
पूंजी के लिहाज से देखें तो पब्लिक और एंकर बिड को मिलाकर जियो आईपीओ की कुल कंबाइंड बिड डिमांड ₹7.4 लाख करोड़ के पार पहुंच गई है. इस ऐतिहासिक आंकड़े ने अकेले ही देश के 26 राज्यों के वार्षिक बजट को पीछे छोड़ दिया है.

विज्ञापन

आंकड़ों की नजर से समझें जियो का दम

  • लंदन की आबादी का करीब 1.5 गुना: जियो आईपीओ में आए 1.39 करोड़ आवेदनों की कुल संख्या ब्रिटेन की राजधानी लंदन की पूरी आबादी से करीब 1.5 गुना (1.5x) ज्यादा है.
  • संयुक्त राष्ट्र के 118 देशों से बड़ा आंकड़ा: संयुक्त राष्ट्र (UN) के कुल 193 सदस्य देशों में से 118 से अधिक ऐसे देश हैं, जिनकी पूरी आबादी 1.39 करोड़ से भी कम है.
  • दुनिया का 75वां सबसे बड़ा मुल्क: अगर जियो आईपीओ के इन 1.39 करोड़ आवेदकों को मिलाकर एक अलग देश बना दिया जाए, तो आबादी के लिहाज से यह दुनिया का 75वां सबसे बड़ा देश बन जाएगा.

निवेशकों की इस भारी भागीदारी ने भारतीय पूंजी बाजार के बढ़ते प्रभाव और आम रिटेल निवेशकों की ताकत को वैश्विक मंच पर साबित कर दिया है.

विज्ञापन

26 राज्यों के बजट से भी बड़ी निकली डिमांड

भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में रिलायंस जियो के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग ने मांग के स्तर पर एक ऐसा नया कीर्तिमान बना दिया है, जिसे तोड़ पाना लंबे समय तक मुश्किल होगा. निवेशकों के जबरदस्त उत्साह के दम पर जियो आईपीओ में पब्लिक और एंकर बिड डिमांड को मिलाकर कुल कंबाइंड बिड डिमांड ₹7.4 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है. यह मांग देश के 26 राज्यों के सालाना बजट खर्च से भी कहीं ज्यादा है.

किस राज्य में कितनी डिमांड?

  • Jio IPO (पब्लिक + एंकर डिमांड): ₹7.4 लाख करोड़
  • राजस्थान बजट (2026–27 कुल खर्च): ₹6.11 लाख करोड़
  • तमिलनाडु बजट (2026–27 कुल खर्च): ₹5.25 लाख करोड़
  • कर्नाटक बजट (2026–27 कुल खर्च): ₹4.48 लाख करोड़
  • पश्चिम बंगाल बजट (2026–27 कुल खर्च): ₹4.39 लाख करोड़
  • मध्य प्रदेश बजट (2026–27 कुल खर्च): ₹4.23 लाख करोड़

राजस्थान, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे आर्थिक रूप से बड़े और समृद्ध राज्यों के पूरे साल के खर्च की तुलना में भी निवेशकों ने जियो आईपीओ में ज्यादा पैसा लगाने की इच्छा जताई है. संस्थागत और आम निवेशकों के इस असाधारण भरोसे ने न सिर्फ रिलायंस समूह की बाजार में पकड़ को दिखाया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि भारतीय बाजार में लिक्विडिटी और बड़े इश्यूज को खपाने की क्षमता अब विश्व स्तरीय हो चुकी है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ