भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में कुछ ऐसी घटनाएं होती हैं जो सब कुछ बदलकर रख देती हैं. साल 1977 में जब धीरूभाई अंबानी ने रिलायंस का आईपीओ लाया था, तब आम आदमी और मध्यम वर्ग के लिए शेयर बाजार के दरवाजे खुले थे और देश में एक नया इक्विटी कल्चर शुरू हुआ था. अब करीब पांच दशक बाद, Jio के ऐतिहासिक आईपीओ ने भारतीय शेयर बाजार को दो हिस्सों में बांट दिया है- जियो से पहले का दौर और जियो के बाद का दौर.
दिलचस्प बात यह है कि खुद मुकेश अंबानी ने बताया था कि 2011 में जियो का आइडिया उनकी बेटी ईशा अंबानी ने दिया था. यानी जिस सफर की शुरुआत एक महिला के विचार से हुई थी, आज उसी जियो के जरिए देश की लाखों महिलाएं शेयर बाजार में खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही हैं. जानिये जियो के इस आईपीओ ने कैसे सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए और क्यों इसे शेयर बाजार का पहला गोल्ड-चिप (Gold-Chip) स्टॉक कहा जा रहा है.
बने कई रिकॉर्ड
जियो के आईपीओ ने दलाल स्ट्रीट पर कमाई और क्रेज के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं. 30,213 करोड़ रुपये का यह आईपीओ भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बन गया है. इसने हुंडई (27,870 करोड़ रुपये) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है. इस बार लगभग 1.39 करोड़ लोगों ने आवेदन किया, जिसने वारी एनर्जीज (97 लाख) के पिछले रिकॉर्ड को बहुत पीछे छोड़ दिया. जहां बड़े-बड़े आईपीओ को भरने में 3 दिन लग जाते हैं, वहीं जियो का आईपीओ सिर्फ 100 मिनट में 100% भर गया. बड़े संस्थागत निवेशकों (QIBs) ने इसमें जमकर पैसा लगाया और इसे लगभग 70 गुना सब्सक्राइब किया. एंकर निवेशकों को मिलाकर कुल 7.4 लाख करोड़ रुपये की बोली लगी, यह रकम देश के 26 अलग-अलग राज्यों के सालाना बजट से भी ज्यादा है. 10.3 लाख करोड़ रुपये के वैल्युएशन के साथ जियो शेयर बाजार में आते ही देश की सबसे मूल्यवान 4 कंपनियों में शामिल हो गया है.
भारत का पहला Gold-Chip स्टॉक
बाजार के जानकारों का कहना है कि जियो कोई आम स्टॉक नहीं है. इसे गोल्ड-चिप नाम दिया गया है, क्योंकि इसमें बड़ी और भरोसेमंद कंपनियों की स्थिरता के साथ-साथ टेक्नोलॉजी की दुनिया में तेजी से आगे बढ़ने की अपार ताकत भी है. इसे सोने (Gold) की तरह समझिए. जैसे भारतीय परिवार अपने पुश्तैनी सोने को रोज-रोज बेचने के लिए नहीं रखते, बल्कि उसे संभालकर अगली पीढ़ी के लिए बचा कर रखते हैं, ठीक वैसे ही रिलायंस के शेयरों ने दशकों से लोगों की शादियों, पढ़ाई और मकान जैसे बड़े सपनों को पूरा किया है.
जियो भी एक ऐसा ही मजबूत शेयर है, जिसे सिर्फ लिस्टिंग वाले दिन मुनाफा कमाने के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक निवेश करके अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए संपत्ति बनाने के नजरिए से देखना चाहिए.
गोल्ड-चिप क्यों है इतना मजबूत?
ग्राहक और मुनाफा:
- देश भर में 53 करोड़ से ज्यादा एक्टिव कस्टमर.
- वित्त वर्ष 2026 में 1.47 लाख करोड़ रुपये का बंपर कमाई.
- 76,000 करोड़ रुपये से ज्यादा EBITDA और 30,000 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध मुनाफा.
- लोग तेजी से 5G स्मार्टफोन और ज्यादा डेटा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे कंपनी की प्रति यूजर कमाई और बढ़ने की पूरी उम्मीद है.
- जियो सिर्फ फोन या इंटरनेट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पास 5G सर्विसेज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), होम ब्रॉडबैंड और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे कई बड़े ग्रोथ इंजन हैं.
- जियो अब अपनी स्वदेशी टेक्नोलॉजी को विदेशों में भी ले जाने की तैयारी कर रहा है, जिससे इसकी ताकत और बढ़ेगी.
नए दौर की शुरुआत
आज जब शेयर बाजार में नए कारोबारी संवत (Samvat) की शुरुआत हो रही है, तो निवेशक केवल एक नए साल का नहीं, बल्कि भारतीय शेयर बाजार के पोस्ट-जियो युग का जश्न मना रहे हैं. लिस्टिंग के दिन शेयर ऊपर-नीचे होना आम बात है, लेकिन असली बात यह है कि जियो की मजबूती और उसकी कमाई की रफ्तार आने वाले कई दशकों तक निवेशकों को बड़ा फायदा देने का दम रखती है.