जिंदल स्टील ने जीता 'एक्सीलेंस इन पीपल' के लिए वर्ल्डस्टील 2026 का 'स्टिली अवार्ड'

इस अवॉर्ड के लिए विजेता का चयन स्वतंत्र एक्सपर्ट पैनल द्वारा किया गया, जिसमें चाइना बाओवू, इन्फ्राबिल्ड, टाटा स्टील और USIMINAS जैसी कंपनियां शामिल थीं.

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वर्ल्डस्टील 2026 का स्टीली अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन पीपल का पुरस्कार. (Photo: News24)

जिंदल स्टील ने ‘एक्सीलेंस इंजीनियरिंग सेफ्टी: वन ड्यूटी पोजिशन एट ए टाइम’ प्रोजेक्ट के लिए लिए वर्ल्डस्टील 2026 का स्टीली अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन पीपल का पुरस्कार जीता है. आपको बता दें कि इस अवॉर्ड के लिए विजेता का चयन स्वतंत्र एक्सपर्ट पैनल द्वारा किया गया, जिसमें चाइना बाओवू, इन्फ्राबिल्ड, टाटा स्टील और USIMINAS जैसी कंपनियां शामिल थीं. पुरस्कार का ऐलान 12 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित 17वें ‘स्टिली अवार्ड’ समारोह में की गई.

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कई बड़ी कंपनियों से था मुकाबला

इस कैटेगरी में जिंदल स्टील का मुकाबला चीन की चाइना बाओवू, इन्फ्राबिल्ड, टाटा स्टील और यूएसिमिनास जैसी प्रमुख कंपनियों से था. जिंदल स्टील का एक्सीलेंस प्रोजेक्ट इस सिद्धांत पर आधारित है कि इस्पात उत्पादन के अलग-अलग कार्यों में लगे कर्मचारियों को अलग-अलग प्रकार के जोखिमों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में सिर्फ ट्रेनिंग में उपस्थिति दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि कर्मचारी अपने काम से जुड़े सुरक्षा नियमों, व्यावहारिक कौशल और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने में कितने सक्षम हैं.

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इसी उद्देश्य से कंपनी ने प्रत्येक कार्यस्थल और जिम्मेदारी के अनुरूप सुरक्षा दक्षता का आकलन करने की व्यवस्था विकसित की है. इसके तहत कर्मचारियों की क्षमताओं की जांच की जाती है, कमियों की पहचान होती है और जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण दिया जाता है. इसके बाद दोबारा आकलन कर उनकी तैयारी का मूल्यांकन किया जाता है. इन निष्कर्षों का इस्तेमाल कर्मचारियों की तैनाती और निगरानी में भी किया जाता है.

27100 से अधिक कर्मचारियों का आकलन

कंपनी के मुताबिक, इस कार्यक्रम के तहत छह स्थानों पर 27,100 से अधिक अधिकारियों और गैर-अधिकारियों की सुरक्षा दक्षता का आकलन किया जा चुका है. 11,639 गैर-अधिकारी कर्मचारियों के पहले बड़े स्तर के मूल्यांकन में सुरक्षा संबंधी ज्ञान का औसत स्कोर 0.81 रहा, जबकि व्यावहारिक कौशल का स्कोर 0.71 दर्ज किया गया. इससे पता चला कि सुरक्षा नियमों की जानकारी होने और उन्हें काम के दौरान सही तरीके से लागू करने की क्षमता के बीच अंतर है.

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इसके अतिरिक्त, 16,539 नए कर्मचारियों का आकलन किया गया है. कंपनी ने 69 प्रमाणित प्रशिक्षकों के माध्यम से 372 सुरक्षा और स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं पर्यावरण (HSE) कार्यक्रम संचालित किए, जिनमें 96 प्रतिशत की पूर्णता दर दर्ज की गई.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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