जिंदल स्टील ने ‘एक्सीलेंस इंजीनियरिंग सेफ्टी: वन ड्यूटी पोजिशन एट ए टाइम’ प्रोजेक्ट के लिए लिए वर्ल्डस्टील 2026 का स्टीली अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन पीपल का पुरस्कार जीता है. आपको बता दें कि इस अवॉर्ड के लिए विजेता का चयन स्वतंत्र एक्सपर्ट पैनल द्वारा किया गया, जिसमें चाइना बाओवू, इन्फ्राबिल्ड, टाटा स्टील और USIMINAS जैसी कंपनियां शामिल थीं. पुरस्कार का ऐलान 12 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित 17वें ‘स्टिली अवार्ड’ समारोह में की गई.
कई बड़ी कंपनियों से था मुकाबला
इस कैटेगरी में जिंदल स्टील का मुकाबला चीन की चाइना बाओवू, इन्फ्राबिल्ड, टाटा स्टील और यूएसिमिनास जैसी प्रमुख कंपनियों से था. जिंदल स्टील का एक्सीलेंस प्रोजेक्ट इस सिद्धांत पर आधारित है कि इस्पात उत्पादन के अलग-अलग कार्यों में लगे कर्मचारियों को अलग-अलग प्रकार के जोखिमों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में सिर्फ ट्रेनिंग में उपस्थिति दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि कर्मचारी अपने काम से जुड़े सुरक्षा नियमों, व्यावहारिक कौशल और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने में कितने सक्षम हैं.
इसी उद्देश्य से कंपनी ने प्रत्येक कार्यस्थल और जिम्मेदारी के अनुरूप सुरक्षा दक्षता का आकलन करने की व्यवस्था विकसित की है. इसके तहत कर्मचारियों की क्षमताओं की जांच की जाती है, कमियों की पहचान होती है और जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण दिया जाता है. इसके बाद दोबारा आकलन कर उनकी तैयारी का मूल्यांकन किया जाता है. इन निष्कर्षों का इस्तेमाल कर्मचारियों की तैनाती और निगरानी में भी किया जाता है.
27100 से अधिक कर्मचारियों का आकलन
कंपनी के मुताबिक, इस कार्यक्रम के तहत छह स्थानों पर 27,100 से अधिक अधिकारियों और गैर-अधिकारियों की सुरक्षा दक्षता का आकलन किया जा चुका है. 11,639 गैर-अधिकारी कर्मचारियों के पहले बड़े स्तर के मूल्यांकन में सुरक्षा संबंधी ज्ञान का औसत स्कोर 0.81 रहा, जबकि व्यावहारिक कौशल का स्कोर 0.71 दर्ज किया गया. इससे पता चला कि सुरक्षा नियमों की जानकारी होने और उन्हें काम के दौरान सही तरीके से लागू करने की क्षमता के बीच अंतर है.
इसके अतिरिक्त, 16,539 नए कर्मचारियों का आकलन किया गया है. कंपनी ने 69 प्रमाणित प्रशिक्षकों के माध्यम से 372 सुरक्षा और स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं पर्यावरण (HSE) कार्यक्रम संचालित किए, जिनमें 96 प्रतिशत की पूर्णता दर दर्ज की गई.