ITR Refund Stuck Reasons: बिना जुर्माना के इनकम टैक्स पेयर्स (Income Tax Payers) के लिए आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2023 थी। लगभग सभी ने रिटर्न फाइल कर ली थी, लेकिन रिफंड मिलने का फायदा अभी कुछ लोगों को नहीं हुआ है। इनमें रिटर्न के लिए अपनाएं जाने वाले प्रोसेस को पूरी तरह न पूरा करने वाले लोग भी हो सकते हैं जिनके पास रिफंड नहीं आया है, लेकिन ऐसे लोग जिन्होंने वेरिफिकेशन प्रोसेस को अपना लिया है लेकिन फिर भी उनके पास रिफंड नहीं आया तो इसके पीछे की वजह क्या हो सकती है? ये शायद आपका भी सवाल होगा। अगर हां, तो कुछ और भी कारणों के कारण आपके आईटीआर रिफंड में देरी हो सकती है। आइए आपको 5 ऐसे कारण बताते हैं जिनके वजह से भी आईटीआर रिफंड में देरी हो सकती है।
1. अपने ई-मेल और लेटर्स पर गौर करें
जब तक आपके पास आईटीआर रिफंड के पैसे नहीं आए हैं तब तक आपके लिए जरूरी है कि अपने आयकर विभाग से आने वाले ई-मेल और लेटर्स पर खास नजर रखें। अक्सर किसी तरह की अन्य अतिरिक्त जानकारी चाहिए होती है तो विभाग की ओर से आपसे संपर्क किया जाता है। ऐसे में आपको तत्काल उस अतिरिक्त जानकारी को देना चाहिए।
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2. आईटीआर अभी भी कर रही है वेरिफिकेशन प्रक्रिया
आईटीआर रिफंड में देरी होने का एक कारण ये भी हो सकता है कि विभाग की तरफ से वेरिफिकेशन प्रोसेस चल रहा हो। इस प्रोसेस में आमतौर पर समय लग जाता है। हालांकि, अगर आपको ऐसा लगता है काफी ज्यादा समय हो गया है और आपके द्वारा वेरिफिकेशन प्रोसेस को पूरा करने के बाद भी रिफंड नहीं आ रहा है, तो ऐसी स्थिति में आपको इनकम टैक्स के विभाग के आधिकारिक वेबसाइट पर अपने रिफंड के स्टेटस की जांच करनी चाहिए।
3. आईटीआर रिफंड एलिजिबिलिटी
कई बार आईटीआर रिफंड में देरी होने की एक वजह ये भी हो सकती है कि आप रिफंड पाने के पात्र नहीं होते हैं। हालांकि, ये जानने के लिए कि आप आईटीआर रिफंड के लिए एलिजिबल हैं या नहीं इसे पहले वेबसाइट पर जाकर चेक कर लें। आयकर विभाग आपके आयकर रिटर्न को संसाधित करने के बाद ही आपको रिफंड के लिए एलिजिबल करेगा। ऐसे में आमतौर पर 4 सप्ताह के अंदर विभाग की ओर से रिफंड जमा कर दिया जाता है।
4. रिटर्न जांच प्रक्रिया के तहत हो सकती है देरी
आयकर विभाग के माध्यम से सटीकता और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आईटीआर दाखिल करने के कुछ मामले जांच की जाते हैं। अगर आपका रिटर्न जांच प्रक्रिया के तहत है, तो खाते में रिफंड जमा होने में समय लग सकता है।
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5. गलत बैंक खाता
कई बार इनकम टैक्स पेयर्स की ओर से बैंक खाता गलत एंटर हो जाता है या फिर बैंक से संबंधित कोई जानकारी सही न होने पर भी रिफंड में देरी हो सकती है। इसलिए इन डिटेल्स के साथ आपके बैंक खाते में पंजीकृत नाम का आपके पैन कार्ड की डिटेल्स से मेल खाना जरूरी है। इनकम विभाग द्वारा रिफंड को उस बैंक अकाउंट में जमा किया जाएगा जिसका उल्लेख आपने अपने आईटीआर में किया है।
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