नया वित्त वर्ष (2026-27) शुरू होते ही इनकम टैक्स विभाग ने करदाताओं को बड़ी राहत दी है। विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए सभी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म्स नोटिफाई कर दिए हैं। इसका मतलब है कि अब आप बिना किसी देरी के वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपनी कमाई का हिसाब-किताब देना शुरू कर सकते हैं।

वक्त से पहले तैयारी: सभी फॉर्म हुए जारी

इनकम टैक्स विभाग ने इस बार काफी मुस्तैदी दिखाई है। छोटे और मध्यम वर्ग के करदाताओं के लिए ITR-1 और ITR-4 को 30 मार्च को ही जारी कर दिया गया था। वहीं, 31 मार्च तक बाकी सभी फॉर्म्स (ITR-2, 3, 5, 6, 7 और ITR-U) को भी नोटिफाई कर दिया गया है। इससे करदाताओं को दस्तावेज जुटाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।

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कौन-सा फॉर्म आपके लिए है?
गलत फॉर्म चुनने से आपका रिटर्न रिजेक्ट हो सकता है। इसे आसान भाषा में यहां समझें:

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ITR-1 (Sahaj): उन लोगों के लिए जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये तक है, जो सैलरी से कमाते हैं, जिनका एक घर है या फिर बैंक ब्याज/खेती (5000 रुपये तक) से आय होती है।
ITR-4 (Sugam): यह उन इंडिविजुअल्स, HUF और फर्म्स के लिए है जिनकी आय 50 लाख रुपये तक है और वे किसी बिजनेस या प्रोफेशन से कमाई करते हैं।

आज से इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू हो गया है, लेकिन ध्यान रहे कि इस साल (जून-जुलाई 2026) भरे जाने वाले रिटर्न पर पुराने नियम ही लागू होंगे। नए एक्ट का असर जून 2027 से दिखने लगेगा।

समय पर फाइलिंग के फायदे
सरकार ने फॉर्म्स जल्दी जारी करके तकनीकी दिक्कतों (Technical Glitches) को कम करने की कोशिश की है। समय पर ITR फाइल करने से न केवल आप जुर्माने से बचते हैं, बल्कि आपका रिफंड भी जल्दी प्रोसेस होता है।