Semicon India Program Semiconductor Investment India: भारत सरकार के यूनियन बजट को पेश होने में केवल कुछ दिन ही बाकी हैं। ऐसे में इस बार के बजट से लोगों को बहुत सी उम्मीदें हैं। बताया जा रहा है कि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के बजट में कई खास घोषणाएं की जाएंगी। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट के आने से पहले इसकी कुछ जरूरी घोषणाओं के बारे में बताया है। इसमें उन्होंने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विकास पर ज्यादा ध्यान दिया है। आइए इसके बारे में जानते हैं।
क्या है स्कीम का उद्देश्य?
15 दिसंबर, 2021 को स्वीकृत सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम ग्लोबल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में भारत की स्थिति को मजबूत करने में जरूरी भूमिका निभा रहा है। इस प्रोग्राम के तहत, सरकार ने पांच सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है और 16 सेमीकंडक्टर डिजाइन कंपनियों को सपोर्ट दिया है। इन इनिशिएटिव से 1.52 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। मंत्रालय ने कहा कि सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम डेवलपमेंट प्रोग्राम स्कीम का उद्देश्य सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग कंपनियों को सहायता देना है।
इसके अलावा, प्रोजेक्ट से लगभग 25,000 एडवांस टेक्नोलॉजी डायरेक्ट जॉब और एक्स्ट्रा 60,000 इनडायरेक्ट जॉब्स जनरेट होने का अनुमान है, जो भारत के टेक्नोलॉजी वर्कफोर्स को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। यह प्रोग्राम सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और डिजाइनिंग में शामिल कंपनियों को इनिशिएटिव देने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका उद्देश्य भारत को सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक ग्लोबल सेंटर के रूप में पेश करना है।
1.28 लाख से अधिक डायरेक्ट नौकरियां
इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए प्रोडक्ट-लिंक्ड इनिशिएटिव (पीएलआई) प्रोजेक्ट के तहत, भारत ने 6.14 लाख करोड़ रुपये का प्रोडक्शन और 3.12 लाख करोड़ रुपये का निर्यात दर्ज किया है। इससे इस क्षेत्र में 1.28 लाख से अधिक डायरेक्ट नौकरियों का सृजन हुआ है, जिससे वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत हुई है।
मंत्रालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि कन्वर्जेंस, कम्युनिकेशन और ब्रॉडबैंड टेक्नोलॉजीज (सीसीएंडबीटी) में नए बदलाव आने वाले वर्षों में विकसित भारत के विजन को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।