Indian Railway Update: यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए रेलवे लगातार काम कर रहा है। ‘वंदे भारत’ ट्रेन को मिले जबरदस्त रिस्पांस के बाद अब ‘वंदे भारत स्लीपर’ को पटरी पर दौड़ाने की तैयारी चल रही है। इस ट्रेन का ट्रायल हो चुका है और इस वित्त वर्ष में यह यात्रियों के लिए उपलब्ध हो सकती है। रेलवे का कहना है कि ये ट्रेन राजधानी से ज्यादा आरामदायक होगी। 16 बोगियों वाली कुल 10 ‘वंदे भारत स्लीपर’ ट्रेनें तैयार की जा रही हैं।
ट्रायल हो गया पूरा
भारतीय रेलवे की चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) के जनरल मेनेजर यू सुब्बा राव ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बताया कि वंदे भारत स्लीपर, ‘वंदे भारत’ का स्लीपर वर्जन है। हम ऐसी कुल 10 ट्रेनें बनाने जा रहे हैं, प्रत्येक में 16 कोच होंगे। हम इसे BEML के सहयोग से बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे के महोबा और खजुराहो सेक्शन के बीच 115 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार पर इसका ट्रायल किया गया है। इसके अलावा पश्चिम मध्य रेलवे के नागदा, कोटा और सवाई माधोपुर सेक्शन के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रायल के दौरान 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी है।
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कितनी होगी स्पीड?
उन्होंने बताया कि ‘वंदे भारत स्लीपर’ का ट्रायल 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर किया गया है, लेकिन इसकी ऑपरेशनल स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। उम्मीद है कि इस वित्तीय वर्ष में ये स्लीपर ट्रेन यात्रियों के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी। राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में ‘वंदे भारत स्लीपर’ काफी ज्यादा आरामदायक और तेज होगी। सुब्बा राव ने बताया कि इन ट्रेनों को इस तरह तैयार किया गया है कि ये दूसरी रेलगाड़ियों की तुलना में तेजी से स्पीड पकड़ने में सक्षम हैं।
शानदार होगा इंटीरियर
‘वंदे भारत स्लीपर’ का इंटीरियर काफी ज्यादा शानदार है। इसमें यात्रियों के लिए कई नई सुविधाएं होंगी और इसलिए यह राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों से अलग होगी। सुब्बा राव ने बताया कि फिलहाल इस ट्रेन में 16 कोच हैं। लेकिन हमें 24 कोच वाली ट्रेनों के लिए भी ऑर्डर मिले हैं। इसका पहला प्रोटोटाइप आने में करीब 2 साल लग सकते हैं।
NaMo भारत पर क्या है अपडेट?
NaMo भारत के बारे में उन्होंने बताया कि यह पूरी तरह से वातानुकूलित ट्रेन होगी, जिसमें हर बोगी में केवल एक टॉयलेट होगा। इस ट्रेन को डे ट्रेवल के हिसाब से डिजाइन किया जाएगा। राव ने कहा कि हमें ऐसी 7 ट्रेनों के ऑर्डर मिले हैं और उम्मीद है कि अगले वित्त वर्ष तक ये तैयार हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि चेन्नई कोच फैक्ट्री से अब तक वंदे भारत के दूसरे वर्जन के तहत 81 ट्रेनें तैयार की जा चुकी हैं। हमें कुल 97 ट्रेनों के ऑर्डर मिले हैं।
अमृत भारत पर क्या है अपडेट?
बुलेट ट्रेन के बारे में राव ने कहा कि हम BEML के साथ मिलकर 2 बुलेट ट्रेनों के प्रोडक्शन पर काम कर रहे हैं। हर ट्रेन में 8 AC कोच होंगे। अमृत भारत ट्रेन पर उन्होंने कहा कि हमारे पास 50 अमृत भारत ट्रेनों का ऑर्डर है, इनमें से 25 का निर्माण ICF और 25 का निर्माण कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री द्वारा किया जाएगा। ये 22 कोच वाली ट्रेनें हैं और इनमें पेंट्री कार भी होगी। इसमें सामान्य और द्वितीय श्रेणी के कोच होंगे। हम इस वित्तीय वर्ष में 6 अमृत भारत ट्रेन तैयार करने का टारगेट लेकर चल रहे हैं, जो पहले लॉन्च किए गए प्रोटोटाइप के बेहतर वर्जन की होंगी। RCF द्वारा इस वित्तीय वर्ष में कुछ अमृत भारत ट्रेनें शुरू करने की भी संभावना है।
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