Indian Railway: दीवाली के लिए ट्रेन की टिकट बुकिंग कई महीने पहले से कर ली जाती हैं। जिन लोगों को टिकट नहीं मिलती हैं वह तत्काल का विकल्प चुनते हैं। लेकिन कई बार तत्काल में भी बुकिंग कंफर्म नहीं हो पाती है। तत्काल बुकिंग के लिए काफी कम समय दिया जाता है जिसमें साइट पर ट्रैफिक बहुत ज्यादा हो जाता है। इसकी वजह से कई बार बुकिंग कंफर्म नहीं हो पाती है। इस सिचुएशन से बचने के लिए आज आपको बताएंगे एक ऐसी आसान ट्रिक जिससे टिकट कंफर्म होने के चांस काफी ज्यादा होते हैं।
तत्काल टिकट बुकिंग में परेशानी क्यों?
भारत से सबसे ज्यादा लोग ट्रेनों का सफर करते हैं। भारतीय रेलवे का नेटवर्क बहुत बड़ा है, जिससे लंबे से लंबा सफर किया जा सकता है। कुछ लोग अपने घरों से इतनी ज्यादा दूर रहते हैं कि अगर ट्रेन के अलावा दूसरे किसी ट्रांसपोर्ट (हवाई सफर को छोड़कर) का इस्तेमाल करते हैं तो मंजिल तक पहुंचने में कई दिन का समय लग सकता है। इस परेशानी से बचने के लिए ही लोग ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। कई बार त्योहारों के सीजन में ट्रेन में टिकट नहीं मिल पाता है। इसके लिए आखिरी ऑप्शन तत्काल बुकिंग का होता है। लेकिन कई बार ये भी कंफर्म नहीं हो पाती है।
जब तत्काल टिकट के लिए विंडो खुलती है तो इंतजार में बैठे लोग बुकिंग करने की कोशिश में लग जाते हैं। एक साथ बहुत से लोग साइट पर पहुंच जाते हैं जिसकी वजह से प्रोसेस धीमा हो जाता है। कई बार लास्ट में पेमेंट नहीं हो पाती और टिकट नहीं बुक हो पाता है।
कैसे कर सकते हैं तत्काल बुकिंग?
जैसा कि सबको पता है कि AC कोच में तत्काल बुकिंग के लिए विंडो सुबह 10 बजे खुलती है। वहीं, स्लीपर में इसका समय 11 बजे का है। इसके लिए सबसे पहले इस बात का ध्यान रखा जाए कि IRCTC की साइट पर बुकिंग के समय पर ही लॉगिन न करें। लॉगिन करने का सही समय 5 से 10 मिनट पहले का होता है। 10 या 11 बजे से 5 मिनट पहले ही लॉगिन कर लें। इसके पहले यात्रियों को मास्टर लिस्ट बनाने का भी ऑप्शन मिलता है। इसके लिए MyProfile में जाकर लिस्ट तैयार कर सकते हैं। इससे जो यात्री की जानकारियां भरने में समय जाता है वह बच जाएगा।
इसके बाद एक लिस्ट और होती है जिसे ट्रैवल लिस्ट कहते हैं। इसमें आपकी यात्रा की तारीख, डेस्टिनेशन के बारे में पूछा जाता है। इसके बाद पेमेंट का ऑप्शन आता है। यात्रा से जुड़ी तमाम जानकारियां पहले ही फिल करके आपका काफी समय बच सकता है, जिससे लास्ट टाइम में पेमेंट प्रोसेस कंप्लीट न होने के कम चांस रहते हैं।