हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

भारत के फार्मा एक्सपोर्ट में अमेरिका की बड़ी हिस्सेदारी, अप्रैल-फरवरी FY25 में इतना रहा आंकड़ा

अमेरिका के दवा बाजार में भारत की बड़ी हिस्सेदारी है। भारत यूएस को 47% जेनेरिक मेडिसिन की सप्लाई करता है। हमारी कई कंपनियों के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप की फार्मा टैरिफ की घोषणा से स्थिति में कुछ बदलाव भी संभव है।

विज्ञापन
Pharma Company

भारत और अमेरिका के बीच अच्छे व्यापारिक रिश्ते रहे हैं। खासकर, फार्मास्युटिकल में भारत का अमेरिका को निर्यात बढ़ा है। भारत यूएस को 47% जेनेरिक मेडिसिन की सप्लाई करता है और यह अमेरिका के हेल्थकेयर सिस्टम का एक महत्वपूर्ण पार्टनर है।

भारत के लिए बड़ा बाजार

अप्रैल-फरवरी 2024-25 के दौरान भारत के फार्मास्युटिकल (फार्मा) निर्यात के लिए अमेरिका सबसे बड़ा गंतव्य बना रहा, जिसकी हिस्सेदारी 36.6 प्रतिशत या 9.8 अरब डॉलर थी। अमेरिकी प्रशासन द्वारा फार्मा आयात पर टैरिफ लगाए जाने की आशंका के साथ भारतीय निर्यातक अपने बाजारों में विविधता लाने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अब फार्मा पर बड़ा टैरिफ लगाया जाएगा।

यूएस मार्केट में हुआ इजाफा

फार्मास्युटिकल में एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (फार्मेक्सिल) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-फरवरी 2024-25 में अमेरिकी दवा बाजार में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस दौरान, भारत का अमेरिकी निर्यात 9.8 अरब डॉलर रहा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत अमेरिकी दवा मार्केट में कितनी मजबूत पकड़ रखता है। भारत की कई कंपनियों का कारोबार काफी हद तक अमेरिका पर निर्भर है, इसलिए ट्रंप के टैरिफ की घोषणा से उनमें घबराहट है।

विज्ञापन

अमेरिका से है कनेक्शन

अरबिंदो फार्मा के रेवेन्यू में अमेरिकी एक्सपोर्ट की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। कंपनी अमेरिकी बाजार में जेनेरिक दवाओं की एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। अरबिंदो फार्मा का करीब 48% राजस्व अमेरिकी बाजार से आता है। सीएनबीसीटीवी 18 की रिपोर्ट के अनुसार, सन फार्मा को यूएस मार्केट से 32%, ग्लैंड फार्मा को 50%, डॉ रेड्डी को 47%, Zydus Life को 46%, लुपिन को 37%, सिप्ला को 29% और टोरेंट फार्मा को 9% रेवेन्यू मिलता है।

क्या कहा है ट्रंप ने?

डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अमेरिका अब दवाइयों पर टैरिफ लगाने वाला है। उन्होंने कहा कि हम एक जरूरी कदम उठाने जा रहे हैं। जब हम दवाइयों पर भी टैरिफ लगाएंगे, तो विदेशी कंपनियां अमेरिका में दवा बनाने के लिए वापस लौटेंगी, क्योंकि यूएस सबसे बड़ा मार्केट है। ट्रंप ने कहा कि दवाओं पर टैरिफ से फार्मा कंपनियों पर दबाव पड़ेगा, जिससे वे चीन जैसे देशों से अपना कारोबार हटाकर अमेरिका में फैक्ट्रियां लगाएंगी। बता दें कि दुनिया में सबसे ज्यादा दवाइयां चीन, भारत और यूरोप में बनती हैं।

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola