Union Budget 2025 Expectations: देश के बजट की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, ‘आम’ से लेकर ‘खास’ तक सबकी धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। हर कोई चाहता है कि बजट उसकी उम्मीदों के अनुरूप हो। एक्सपर्ट्स का मानना है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण बजट में इनकम टैक्स में छूट के साथ-साथ प्रमुख सेक्टर्स के लिए कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकती हैं। इस बार हेल्थ सेक्टर के लिए भी आवंटन बढ़ाया जा सकता है।
आयुष्मान भारत पर फोकस
एक्सपर्ट्स के अनुसार, 1 फरवरी को पेश होने वाले यूनियन बजट 2025 में स्वास्थ्य के लिए आवंटन में 10 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। पिछले साल आम बजट में हेल्थ के लिए 90,958 करोड़ रुपये का आवंटन किया था। यदि इस बार यह 10% बढ़ता, तो कुल आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएगा। उनका कहना है कि सरकार ने ‘आयुष्मान भारत’ जैसी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं पर फोकस बढ़ाया है, इसके मद्देनजर बजट में हेल्थ के लिए कुछ ज्यादा का प्रावधान हो सकता है।
वृद्धि की रफ्तार धीमी
एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2019-20 से वित्त वर्ष 2024-25 के बीच स्वास्थ्य पर सरकारी आवंटन 7 फीसदी की दर से बढ़ा है। जबकि, 2014-15 से 2019-20 के बीच यह वृद्धि सालाना 15 फीसदी की दर से हुई थी। वर्तमान में स्वास्थ्य पर सरकार का खर्च GDP का महज 0.3 प्रतिशत है। कोरोना महामारी के दौरान इसमें बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन बाद में यह फिर कम हो गया।
US के मुकाबले कम खर्चा
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में स्वास्थ्य पर सरकारी खर्च कम है। अमेरिका जैसे विकसित देशों के मुकाबले यह कमी काफी ज्यादा दिखाई देती है। इसलिए सरकार को हेल्थ पर खर्चा बढ़ाना चाहिए और इसके लिए बजट में कुछ प्रावधान संभव हैं। उनका यह भी कहना है कि अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भी कदम उठाने की जरूरत है।