न्यूजीलैंड को कौन-कौन से सामान बेचता और खरीदता है भारत, FTA डील से भारतीय कारोबारियों को कैसे होगा फायदा?

Piyush Goyal: कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर कहा है कि ये समझौता दशहरे के मौके पर लागू होगा. इससे दोनों देशों के कारोबारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है.

India New Zealand ANI PTI

भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (Photo-ANI and PTI)

India-New Zealand Free Trade Agreement: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को ऐलान किया है कि भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) आधिकारिक तौर पर 20 अक्टूबर 2026 को दशहरा के मौके पर लागू होगा. इस समझौते के तहत लागू होने की तारीख से न्यूजीलैंड को किए जाने वाले सभी भारतीय निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा.

विज्ञापन

समझौते का मकसद क्या?

पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले के साथ वर्चुअल बातचीत के दौरान ये ऐलान किया. उन्होंने कहा कि ये समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. मंत्री ने बातचीत करने वाली दोनों टीमों को एक संतुलित समझौते तक पहुंचने का क्रेडिट दिया.

विज्ञापन

उन्होंने दोनों देशों के बीच आपसी दौरों से बनी राजनीतिक गति पर भी जोर दिया, जिसमें जुलाई 2026 में पीएम नरेंद्र मोदी का न्यूजीलैंड दौरा भी शामिल है. ये 4 दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का उस देश का पहला दौरा था. दोनों देशों ने 2030 तक के लिए एक रोडमैप भी तैयार किया है, जिसमें अगले 4 से 5 सालों में गुड्स और सर्विसेज के बाइलेट्रल ट्रेड को तकरीबन दोगुना करके 35000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य शामिल है.

विज्ञापन

कारोबारियों से लेकर वर्कर्स को फायदा

भारत और न्यूजीलैंड ने नौ महीने की बातचीत के बाद 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में व्यापार समझौते पर दस्तखत किए. न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि ये समझौता निर्यातकों, व्यवसायों और वर्कर्स के लिए बेहतर मौके पैदा कर सकता है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार 2023-24 में 873 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 1.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जो 49 फीसदी के इजाफे को दिखाता है.

2024-25 में न्यूजीलैंड को भारत का वस्तुओं का निर्यात 711 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जबकि 2024 में सेवाओं का निर्यात 634 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा. यात्रा, सूचना प्रौद्योगिकी और व्यावसायिक सेवाएं अहम क्षेत्रों में शामिल थीं. उम्मीद है कि FTA भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए एक बड़ा फ्रेमवर्क देगा.

विज्ञापन

न्यूजीलैंड से क्या खरीदता है भारत?

  • फल और नट्स
  • लकड़ी और लकड़ी के प्रोडक्ट्स
  • एल्युमीनियम
  • ऊन
  • लकड़ी की लुगदी
  • प्रोटीन बेस्ड प्रोडक्ट्स और मॉडिफाइड स्टार्च
  • खनिज ईंधन और तेल
  • मशीनरी और मैकेनिकल इक्यूपमेंट
  • इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इक्यूपमेंट
  • ट्रैवल और टूरिज्म सर्विसेज

न्यूजीलैंड को क्या बेचता है भारत?

  • फार्मास्यूटिकल्स और दवाएं
  • टेक्सटाइल से बनी चीजें
  • मशीनरी और मैकेनिकल इक्यूपमेंट्स
  • व्हीकल्स
  • कीमती पत्थर और ज्वैलरीज
  • बुने हुए कपड़े
  • बिना बुने हुए कपड़े
  • इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इक्यूपमेंट्स
  • लोहे और स्टील की चीजें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ