विदेशों में अघोषित संपत्ति या बैंक खातों में रखी कमाई को उजागर करने के लिए आयकर विभाग (Income Tax Department) ने बड़ा कदम उठाया है. वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, सरकार ने Foreign Assets of Small Taxpayers – Disclosure Scheme, 2026 (FAST-DS) लॉन्च की है.
यह योजना उन करदाताओं को एकमुश्त राहत (One-Time Opportunity) देती है, जिन्होंने अतीत में अपनी विदेशी संपत्ति या विदेशी आय की जानकारी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में घोषित नहीं की थी. सबसे अच्छी बात यह है कि आयकर विभाग ने अपने ई-फाइलिंग पोर्टल पर CRS/FATCA डेटा देखने की सुविधा भी जोड़ दी है, जिससे आप यह चेक कर सकते हैं कि विदेशी सरकारों ने आपके PAN कार्ड पर कौन-कौन सी संपत्ति रिपोर्ट की है. जानिये FAST-DS 2026 योजना क्या है, इसमें कितना टैक्स व जुर्माना लगेगा और इससे आपको क्या-क्या फायदे मिलेंगे.
कैसे पता चलेगा कि सरकार के पास आपकी विदेशी संपत्ति का डेटा है?
आयकर विभाग ने अपने ई-फाइलिंग पोर्टल पर नया फीचर शुरू किया है. ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन (AEOI) के तहत विभिन्न देशों से मिला डेटा (वर्ष 2022 से 2024 तक) पोर्टल पर देखा और डाउनलोड किया जा सकता है. विभाग ने हाल ही में उन करदाताओं को अलर्ट (Nudge) भेजा है जिन्होंने यूएई (दुबई/अबू धाबी आदि) में आवासीय या कमर्शियल संपत्तियों में निवेश किया है. सीबीडीटी (CBDT) ने हर रीजन में प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर के नेतृत्व में कमेटियां बनाई हैं, जो करदाताओं और प्रोफेशनल्स के सवालों का समाधान करेंगी.
FAST-DS 2026 योजना के तहत कितना टैक्स और पेनल्टी लगेगी?
अघोषित विदेशी संपत्ति को लीगल (नियमित) करने के लिए दो मुख्य विकल्प दिए गए हैं:
अघोषित संपत्ति (Undisclosed Assets) के लिए:
संपत्ति के फेयर मार्केट वैल्यू (Fair Market Value) पर 30% टैक्स और 30% जुर्माना (Penalty) देना होगा यानी कुल 60%. भुगतान के बाद ब्लैक मनी ऐक्ट, 2015 के तहत भविष्य के एसेसमेंट, भारी पेनल्टी और क्रिमिनल केस (Prosecution) से पूरी इम्युनिटी (छूट) मिल जाएगी.
पहले से घोषित या हिसाब-किताब में दर्ज संपत्ति के लिए:
अगर संपत्ति पहले से आपके खातों में दर्ज थी लेकिन ITR के फॉरेन एसेट (FA) शेड्यूल में गलती से रिपोर्ट नहीं हुई थी, तो मात्र ₹1 लाख की फीस देकर इसे रेगुलराइज किया जा सकता है. इससे ब्लैक मनी ऐक्ट के तहत लगने वाले 10 लाख रुपये के भारी वार्षिक जुर्माने से बचा जा सकता है.
आवेदन की अंतिम तारीख क्या है?
यह पूरी तरह से ऑनलाइन और सेल्फ-डिक्लेरेशन आधारित योजना है, जो 31 दिसंबर 2026 तक खुली रहेगी. अब तक लगभग 1,100 करदाता इस योजना के तहत आवेदन कर चुके हैं. अगर आपके पास भी विदेश में कोई बैंक खाता, शेयर निवेश, जीवन बीमा या प्रॉपर्टी है जिसका जिक्र ITR में छूट गया था, तो 31 दिसंबर 2026 से पहले FAST-DS योजना का लाभ उठाकर बेफिक्र हो जाएं.