HSBC Downgraded India: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म HSBC ने भारत की रेटिंग को पहले के ‘ओवरवेट’ से घटाकर ‘न्यूट्रल’ कर दिया है और 2025 के लिए सेंसेक्स का नया टार्गेट तय किया है। HSBC ने ऊंची वैल्यूएशन और धीमी ग्रोथ के चलते भारत को लेकर अपना नजरिया बदला है।
सेंसेक्स का नया टार्गेट
एचएसबीसी का मानना है कि इस साल के अंत तक BSE सेंसेक्स 85,990 के लेवल पर पहुंच सकता है। जबकि पहले उसने इसके 90,520 पर पहुंचने का अनुमान जताया था। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि भारतीय बाजार की ग्रोथ अच्छी है, लेकिन ऊंचे दाम यानी हाई वैल्यूएशन और कमाई की रफ्तार धीमी होने से 2025 में रिटर्न सीमित रह सकते हैं।
काफी ज्यादा है वैल्यूएशन
हाल के वर्षों में भारत ने 25% की वार्षिक वृद्धि का अनुभव किया है, लेकिन HSBC का कहना है कि यह गति टिकाऊ नहीं है। ब्रोकरेज फर्म ने निफ्टी 50 के लिए अपने FY25 अर्निंग ग्रोथ फोरकास्ट को 15% से घटाकर सिर्फ़ 5% कर दिया है। HSBC का कहना है कि भारतीय बाजार का वैल्यूएशन काफी ज्यादा है और इस वजह से निवेशक भारतीय बाजार में अपनी स्थिति का पुनर्मूल्यांकन कर सकते हैं।
इन्वेस्टमेंट फ्लो में आएगी कमी
ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, यदि निवेशक इंडियन मार्केट में अपनी पोजीशन को री-इवेलुएट करते हैं, तो इससे इन्वेस्टमेंट फ्लो में कमी आ सकती है और परिणामस्वरूप निकट भविष्य में बाजार में रिटर्न सीमित हो सकता है। बता दें कि भारतीय शेयर बाजार ने बीते कुछ सालों में शानदार तेजी दिखाई, लेकिन सितंबर 2024 के बाद से इसकी स्पीड एकदम से सीमित हो गई। विदेशी निवेशक भी इस दौरान बिकवाल रहे।
ज्यादा सतर्क हो जाएंगे निवेशक
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म का भारत को लेकर यह नजरिया निवेशकों को और भी ज्यादा सतर्क रहने के लिए विवश कर सकता है। विदेशी निवेशक पहले से ही भारतीय बाजार में जमकर बिकवाली कर रहे हैं। साल 2025 में भी अब तक उन्होंने बिकवाली को अंजाम दिया है। 20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगे, उसके बाद विदेशी निवेशकों का रुख क्या रहता है ये देखने वाली बात होगी।