How to Claim Father’s Bank Account Money : पिता के जाने के बाद बच्चे छोटे हों या बड़े, उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है. ऐसे में अगर आर्थिक तंगी हो तो ये मुसीबत और भी बड़ी हो जाती है. पिता के देहांत के बाद पता चले कि उनके बैंक खाते में किसी नोमिनी का नाम ही नहीं है, तो क्या करें? निराश मत होइये. क्योंकि नोमिनी में नाम न होने के बावजूद बच्चे अपने दिवंगत पिता के बैंक खाते से पैसा निकाल सकते हैं.
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आइये आपको हम यहां समझाते हैं कि इसके लिए किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी और इसकी पूरी प्रक्रिया क्या है?
इन जरूरी डॉक्यूमेट्स को इकट्ठा कर लें
इसके लिए आपको कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी, जैसे कि पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र, आपके पिता के खाते का विवरण. इसके साथ आपको रिश्ते का प्रमाण भी दिखाना होगा. आपको कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र, परिवार के सदस्य का प्रमाण पत्र या उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जो भी आपके पास हो, दिखा सकते हैं. बैंक इन दस्तावेजों को वेरिफाई करेगा और उसके बाद आपको आपके पिता के खाते की रकम सौंप देते हैं. अगर आप ये प्रक्रिया जल्दी पूरी करना चाहते हैं, आपको पहले से ही इन डॉक्यूमेंट्स को रेडी रखना चाहिए, ताकि बैंक में बार-बार दौड़ लगाने की जरूर न पड़े.
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बैंक को बताएं और क्लेम फॉर्म भरें
बैंक के उस ब्रांच में जाएं जहां आपके पिता का खाता है. उन्हें पिता की मृत्यु की सूचना दें और बैंक कानूनी उत्तराधिकारी के लिए एक क्लेम फॉर्म मांगे. इसे भरकर जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ जमा कर दें. कुछ बैंक दावेदारी विवाद से बचने के लिए हलफनामा भी मांगते हैं. बाद में किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए सुनिश्चित करें कि सभी कानूनी उत्तराधिकारियों को दावे के बारे में जानकारी हो.
उत्तराधिकार प्रमाणपत्र की जरूरत कब होती है
अगर आपके पिता ने किसी को नामांकित नहीं किया था और दावे की राशि काफी बड़ी है, तो बैंक आमतौर पर सिविल कोर्ट द्वारा जारी उत्तराधिकार प्रमाणपत्र की मांग करते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि उत्तराधिकार प्रमाणपत्र कानूनी रूप से उत्तराधिकारियों को मृतक की विभिन्न वित्तीय संपत्तियों, जैसे बैंक खाते, जमा राशि और प्रतिभूतियों तक पहुंच देता है. हालांकि इसे बनवाने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन यह आपको धन का दावा करने का निर्विवाद अधिकार देता है.
अगर एक से ज्यादा हों उत्तराधिकारी तो क्या होगा?
अगर एक से ज्यादा कानूनी उत्तराधिकारी हैं, तो सभी उत्तराधिकारियों को सामूहिक रूप से आवेदन करना होगा या फिर किसी एक सदस्य को अपनी ओर से राशि प्राप्त करने के लिए अधिकृत करना होगा. बैंक आमतौर पर ऐसे दावों पर कार्रवाई करने के लिए अन्य उत्तराधिकारियों से सहमति पत्र या अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मांगते हैं. अगर परिवार पारदर्शी है, तो परिवार के सदस्यों के बीच कोई गलतफहमी या बाद में कोई कानूनी चुनौती नहीं होगी.
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