हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Fact Check: क्या 1 लीटर एथेनॉल बनाने में लगता है 10000 लीटर पानी? एक्‍सपर्ट ने बताई सच्‍चाई

How Much Water Required to Produce 1 Litre Ethanol: क्या 1 लीटर इथेनॉल में 10,000 लीटर पानी खर्च होता है? BIEPA अध्यक्ष पुष्पिंदर सिंह से जानिए इथेनॉल प्रोडक्शन का असली सच और वाटर फुटप्रिंट का गणित.

विज्ञापन
Fact Check: 1 लीटर इथेनॉल बनाने में कितना पानी खर्च होता है? जानिए क्या है असली सच और क्‍यों फैल रहा है भ्रम

जब भी इथेनॉल ब्लेंडिंग (Ethanol Blending) और पर्यावरण की बात आती है, तो एक सवाल बार-बार सामने आता है क‍ि क्या 1 लीटर इथेनॉल बनाने में हजारों लीटर पानी बह जाता है? सोशल मीडिया और कई रिपोर्टों में यह दावा किया जाता है कि 1 लीटर इथेनॉल बनाने में लगभग 10000 लीटर पानी बर्बाद होता है. लेकिन क्या इस बात में वाकई कोई सच्चाई है?

भारत इंडिपेंडेंट इथेनॉल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (BIEPA) के अध्यक्ष पुष्पिंदर सिंह (Pushpinder Singh) ने इस दावे की पूरी सच्चाई सामने रखी है. आइए समझते हैं कि इथेनॉल बनाने का असली गणित क्या है.

क्या E20 के बाद अब देश में चलेगा E30 पेट्रोल? जानिए अगले 5 सालों का पूरा इथेनॉल मास्टरप्लान

विज्ञापन

1 लीटर इथेनॉल में कितना पानी लगता है?

पुष्पिंदर सिंह ने News24 को बताया क‍ि उद्योग (Industry) में 1 लीटर इथेनॉल बनाने के लिए वास्तविक रूप से केवल 4 लीटर पानी की आवश्यकता होती है. इतना ही नहीं, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के इथेनॉल प्लांट्स को पर्यावरण मंजूरी (Environmental Clearance) देते समय भी इसी 4 लीटर वाले मानक (Standard) को आधिकारिक माना जाता है.

फिर 10,000 लीटर पानी का भ्रम कहां से आया?
10,000 लीटर पानी खर्च होने का आंकड़ा दरअसल एक बड़ा भ्रम (Misinterpretation) है. यह आंकड़ा चावल या गन्‍ने जैसी फसलों को उगाने में लगने वाले उनके पूरे जीवनचक्र (Lifecycle) के पानी का है. किसान चावल या गन्‍ना सिर्फ इथेनॉल बनाने के लिए नहीं उगाते, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य भोजन की आपूर्ति है.

विज्ञापन

Inflation: फिर बिगड़ेगा आपकी रसोई का बजट! पूरी दुन‍िया में महंगी हुईं खाने पीने की चीजें; तीन साल के उच्‍चतम स्‍तर पर महंगाई

इथेनॉल बनाने के लिए मुख्य रूप से गन्‍ने के शीरे (Molasses), टूटे हुए चावल, बचे हुए अनाज या मक्के का इस्तेमाल होता है. इथेनॉल के लिए जिस मक्के का इस्तेमाल होता है, उसे गर्मियों में उन जमीनों पर उगाया जाता है जो खाली पड़ी रहती हैं.

विज्ञापन

क्या इथेनॉल प्लांट भूजल (Groundwater) खत्म करते हैं?
अक्सर यह डर जताया जाता है कि इथेनॉल फैक्ट्रियों से जमीन का पानी (Groundwater) खत्म हो जाएगा. लेकिन वास्तविकता इससे अलग है. ज्यादातर इथेनॉल डिस्टिलरीज जमीन के नीचे के पानी का इस्तेमाल नहीं करती हैं. वे नदियों, जलाशयों या बांधों से मिलने वाले सतही जल (Surface Water) का उपयोग सरकारी आवंटन के तहत करती हैं.

इस प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले पानी का एक बड़ा हिस्सा कूलिंग टावरों (Cooling Towers) में जाता है और भाप बनकर वापस पर्यावरण (प्रकृति) में लौट जाता है. पुष्पिंदर सिंह ने बताया क‍ि 1 लीटर इथेनॉल बनाने में 10000 लीटर पानी लगने की बात पूरी तरह एक गलतफहमी है. फैक्ट्री में इथेनॉल बनाने के लिए सिर्फ 4 लीटर पानी की जरूरत होती है. इथेनॉल न सिर्फ भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए जरूरी है, बल्कि यह संसाधनों का सही इस्तेमाल करके बनाया जाने वाला एक स्वच्छ ईंधन (Clean Fuel) है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola