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घर में कितना सोना रखना है सेफ? इतने ग्राम पर इनकम टैक्स विभाग नहीं करेगा सवाल

Gold Jewellery: अगर आपके घर में सोना या गोल्ड ज्वेलरी है, तो मन में ये सवाल जरूर उठता होगा कि क्या ये इनकम टैक्स विभाग की लिमिट से ज्यादा तो नहीं है. इसे जानने के लिए आपको चार्टर्ड अकाउंटेंट निर्मल कुमार अग्रवाल से जुड़े मामले को समझना होगा.

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सोने के गहने (AI Image)

How Much Gold You Can Keep At Your Home: घर में रखे गोल्ड को लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि कितनी मात्रा में ज्वेलरी रखने पर इनकम टैक्स विभाग सवाल उठा सकता है. हाल ही में नागपुर स्थित इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) के एक फैसले ने इस मसले पर अहम स्थिति साफ की है. ट्रिब्यूनल ने कहा कि किसी शख्स के घर से ज्वेलरी मिलने मात्र से उसे उसकी अनडिस्क्लोड इनकम नहीं माना जा सकता. ज्वेलरी के मालिकाना हक, उसके सोर्स और परिवार के हालात को भी ध्यान में रखना जरूरी है.

घर से मिली 2.4 किलो से ज्यादा ज्वेलरी

ये मामला चार्टर्ड अकाउंटेंट निर्मल कुमार अग्रवाल से जुड़ा है. 26 जुलाई 2016 को इनकम टैक्स विभाग ने उनके घर पर तलाशी ली थी. कार्रवाई के दौरान करीब 2.434 किलोग्राम सोने की ज्वेलरी मिली थी, जिसकी उस वक्त अनुमानित कीमत लगभग 90.59 लाख रुपये थी. विभाग ने इसमें से करीब 1.314 किलोग्राम ज्वेलरी जब्त की. तलाशी में 7.06 लाख रुपये नकद भी मिले, जिनमें से 5 लाख रुपये जब्त किए गए. शुरुआत में इनकम टैक्स अधिकारी ने करीब 50 लाख रुपये की ज्वेलरी को अघोषित आय मानकर टैक्स में जोड़ दिया था. अपील के बाद ये राशि काफी कम हुई और आखिर में लगभग 3.86 लाख रुपये की ज्वेलरी को लेकर विवाद रह गया.

पत्नी के गहनों को पति की संपत्ति नहीं माना

मामले की सुनवाई के दौरान करीब 55.8 ग्राम ज्वेलरी पर परिवार ने बताया कि वो निर्मल अग्रवाल की पत्नी की थी. परिवार के मुताबिक, ये गहने पत्नी को उनके माता-पिता ने दोनों बेटियों की पैदाइश के मौके पर गिफ्ट के तौर पर में दिए थे. ज्वेलरी की वैल्यूएशन रिपोर्ट में भी इन गहनों को पत्नी के नाम दर्ज किया गया था.

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ITAT ने इस दलील को स्वीकार करते हुए क्लियर किया कि घर में मौजूद हर ज्वेलरी को मकान मालिक की संपत्ति नहीं माना जा सकता. अगर ये साबित हो कि ज्वेलरी परिवार के किसी दूसरे सदस्य की है और उसके सोर्स की संतोषजनक वजह बताई जा सकती है, तो उसे घर के मालिक की अनडिस्क्लोड इनकम नहीं माना जाएगा.

48.9 ग्राम सोने पर भी मिली राहत

निर्मल कुमार अग्रवाल के नाम कुल 121.5 ग्राम ज्वेलरी बताई गई थी. इसमें से 72.6 ग्राम सोना उन्होंने 2008 से 2011 के बीच बैंकिंग के जरिए से खरीदा था और इसकी जानकारी उनकी अकाउंटिंग बुक्स में दर्ज थी. ऐसे में सिर्फ 48.9 ग्राम ज्वेलरी का सोर्स विवादित रह गया. ट्रिब्यूनल ने उनकी उम्र, मैरिटल स्टेटस और परिवार में 2 बेटियों को देखते हुए इस मात्रा को असामान्य नहीं माना. साथ ही, ये CBDT के इंस्ट्रक्शन नंबर 1916 में पुरुष सदस्य के लिए बताए गए 100 ग्राम के लेवल से भी कम थी.

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क्या 100 ग्राम सोना रखना सेफ है?

इस फैसले से ये समझना गलत होगा कि हर शख्स 100 ग्राम तक सोना घर में रख सकता है और उससे कभी कोई सवाल नहीं पूछा जाएगा. CBDT की 100 ग्राम वाली मात्रा को इस मामले में एक अहम बेंचमार्क के तौर पर देखा गया. असल जांच में सोने की मात्रा के साथ उसके मालिकाना हक, खरीद का रिकॉर्ड, परिवार के हालात और सोर्स जैसे पहलुओं पर भी गौर किया जा सकता है. इसलिए सोना खरीदते वक्त बिल, बैंक पेमेंट का रिकॉर्ड और गिफ्ट या विरासत में मिले गहने से जुड़े दस्तावेज संभालकर रखना जरूरी है. इससे भविष्य में आयकर जांच के दौरान ज्वेलरी के सोर्स को समझाने में मदद मिल सकती है.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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