Vedanta Group Firm Hindustan Zinc: यदि आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के शेयर पर नजर रखना फायदेमंद साबित हो सकता है। वेदांता ग्रुप की इस कंपनी के अगले वित्त वर्ष (2025-26) तक पूरी तरह से कर्ज मुक्त होने का अनुमान है। ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा सिक्योरिटीज का कहना है कि कैपिसिटी बढ़ाने मे भारी निवेश के बावजूद हिंदुस्तान जिंक अगले वित्त वर्ष तक कर्ज मुक्त हो जाएगी।
अनुकूल हैं परिस्थितियां
वेंचुरा सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जिंक और लेड की वैश्विक मांग 6 से 7 फीसदी की सालाना दर से बढ़ने की उम्मीद है। घरेलू स्तर पर भारत जिंक का शुद्ध निर्यातक है, जबकि लेड की आपूर्ति में कमी है। ये दोनों ही परिस्थितियां हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के लिए अनुकूल हैं। ऐसे में अगले फाइनेंशियल ईयर तक कंपनी के पूरी तरह से कर्ज मुक्त होने की उम्मीद है।
क्षमता विस्तार अच्छे संकेत
अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल की यह कंपनी देश में जिंक, लेड और सिल्वर की सबसे बड़ी उत्पादक है। कंपनी ने कुछ वक्त पहले कहा था कि उसे मार्च के अंत तक अपना कर्ज घटाकर 2000 करोड़ रुपये करने की उम्मीद है, जो सितंबर तिमाही के अंत में करीब 6000 करोड़ रुपये था। रिपोर्ट में कहा गया है कि चांदी की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए कंपनी का सिल्वर प्रोडक्शन कैपेसिटी में विस्तार अच्छा संकेत है। बता दें कि हिन्दुस्तान जिंक ने 16000 करोड़ रुपये के क्षमता विस्तार की योजना बनाई है।
चांदी की बढ़ेगी डिमांड
चांदी का इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। कारोबारी गतिविधियां बढ़ने से इसकी डिमांड में और तेजी की उम्मीद है। ऐसे में इसकी कीमतें भी रफ्तार पकड़ सकती हैं। जाहिर है इसका फायदा हिंदुस्तान जिंक को भी होगा। जैसा कि ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है, यदि कंपनी अगले वित्त वर्ष तक कर्ज मुक्त हो जाती है, तो उसके शेयरों में उड़ान देखने को मिल सकती है। इसलिए इस स्टॉक पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है।
आशावादी है ब्रोकरेज फर्म
ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि वह हिंदुस्तान जिंक की विस्तार योजनाओं को लेकर भी आशावादी है और उम्मीद है कि इससे रेवेन्यू वृद्धि में योगदान मिलेगा। हिंदुस्तान जिंक के शेयर पिछले शुक्रवार को गिरावट के साथ 467.30 रुपये पर बंद हुए थे। इस साल अब तक ये शेयर 48.82% की उछाल हासिल कर चुका है। इसका 52 वीक का हाई लेवल 807.70 रुपये है, इस लिहाज से देखें तो इसमें अभी काफी गुंजाइश है।