गुजरात सरकार ने राज्य के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनर्स (Family Pensioners) के लिए बड़ी खुशखबरी दी है. पांचवें वेतन आयोग (5th Pay Commission) के तहत आने वाले पेंशनर्स की महंगाई राहत यानी टेम्पररी इंक्रीज (TI) की दर को बढ़ाकर 443% कर दिया गया है. गांधीनगर वित्त विभाग के सरकारी आदेश के मुताबिक, बढ़ी हुई दरें अलग-अलग चरणों में लागू होंगी और साथ ही सरकार ने जुलाई 2021 से जून 2024 तक के बकाए (Arrears) का भुगतान करने का भी ऐलान किया है. जानिये किसे और कितना फायदा मिलने वाला है.
कितनी बढ़ गई है महंगाई राहत (TI)?
गुजरात सरकार के नए आदेश के तहत पांचवें वेतन आयोग के दायरे में आने वाले पेंशनर्स के लिए टीआई (TI) दरों को बढ़ाया गया है, जो पहले 381% थीं:
1 जुलाई 2022 से: बढ़कर 396% हुई.
1 जनवरी 2023 से: बढ़कर 412% हुई.
1 जुलाई 2023 से: बढ़कर 427% हुई.
1 जनवरी 2024 से: बढ़कर सीधे 443% हो गई.
इस बात पर गौर करें कि यह बढ़ी हुई दरें और एरियर का लाभ केवल पांचवें वेतन आयोग के नियमों के तहत आने वाले पात्र पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स के लिए है.
जुलाई 2021 से जून 2024 तक मिलेगा एरियर
सरकार ने पुरानी और संशोधित दरों के अंतर (Difference) के हिसाब से एरियर चुकाने का फैसला किया है. अलग-अलग अवधि के लिए अंतर की दरें इस प्रकार तय की गई हैं:
1 जुलाई 2021 से 31 दिसंबर 2021: 56%
1 जनवरी 2022 से 30 जून 2022: 69%
1 जुलाई 2022 से 31 दिसंबर 2022: 84%
1 जनवरी 2023 से 30 जून 2023: 100%
1 जुलाई 2023 से 31 दिसंबर 2023: 115%
1 जनवरी 2024 से 30 जून 2024: 131%
कैसे होगी एरियर की कैलकुलेशन?
एरियर की रकम निकालने के लिए पेंशनर की बेसिक पेंशन और लागू अंतर की दर को आधार बनाया जाएगा. मान लीजिए किसी पेंशनर की बेसिक पेंशन 10,000 रुपये है. अगर किसी अवधि के लिए 131% का अंतर लागू होता है, तो एक महीने का अंतर 13,100 रुपये होगा. इसी हिसाब से 6 महीने का कुल बकाया ₹78,600 तक बन सकता है. हर पेंशनर को मिलने वाली असली एरियर की रकम उनकी वास्तविक बेसिक पेंशन और पहले मिले भुगतान के आधार पर तय होगी.