महिलाओं को आर्थिक रूप से इंडिपेंडेंट और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकारें कई तरह की योजनाएं चला रही है. इनमें से एक है गृह लक्ष्मी योजना. गृह लक्ष्मी योजना (Griha Lakshmi Yojana) मुख्य रूप से कर्नाटक सरकार द्वारा राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी योजना है. इस योजना के तहत परिवार की महिला मुखिया को हर महीने वित्तीय सहायता दी जाती है. इस तरह एक साल में कुल 24,000 रुपये की आर्थिक मदद मिलती है. यह पैसा सीधे महिला के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजा जाता है.
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कौन लाभ उठा सकता है?
निवासी: महिला को कर्नाटक का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है. कुछ अन्य राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में भी इसी तरह की योजनाएं ‘लक्ष्मी भंडार’ या अन्य नामों से चलती हैं, लेकिन गृह लक्ष्मी योजना विशेष रूप से कर्नाटक की है.
महिला मुखिया: राशन कार्ड BPL, APL या अंत्योदय कार्ड में महिला का नाम परिवार की मुखिया के रूप में दर्ज होना चाहिए.
आय सीमा: परिवार की वार्षिक आय आमतौर पर 2 लाख रुपये से कम होनी चाहिए. यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को ये मदद मिलती है.
अगर महिला या उसका पति आयकर (Income Tax) भरते हैं या GST रिटर्न फाइल करते हैं, तो वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे. सरकारी कर्मचारी भी इसका लाभ नहीं ले सकते.
जरूरी दस्तावेज (Documents Required)
आवेदन के समय आपके पास ये दस्तावेज होने चाहिए:
- आधार कार्ड (महिला और पति दोनों का)
- राशन कार्ड (जिसमें महिला मुखिया हो)
- बैंक पासबुक (आधार से लिंक खाता)
- मोबाइल नंबर
- निवास प्रमाण पत्र
आवेदन कैसे करें? (How to Apply)
आप दो तरीकों से आवेदन कर सकते हैं:
- Seva Sindhu पोर्टल (sevasindhugs.karnataka.gov.in) पर जाएं.
- आधार और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें.
- ‘Griha Lakshmi Scheme’ फॉर्म भरें और दस्तावेज अपलोड करें.
- सबमिट करने के बाद ‘Application ID’ संभाल कर रखें.
ऑफलाइन तरीका:
आप अपने नजदीकी Gram One, Karnataka One, Bangalore One या Bapu Ji Seva Kendra पर जाकर मुफ्त में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.
सरकार अब पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लाभार्थियों से समय-समय पर जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) मांग सकती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लाभ सही व्यक्ति तक पहुंच रहा है. अब तक लगभग 1.2 करोड़ महिलाएं इस योजना से जुड़ चुकी हैं.