आज 7 अप्रैल 2026 है और दुनिया की नजरें ईरान-इजरायल युद्ध पर टिकी हैं। युद्ध की वजह से सप्लाई चेन टूट रही है, तेल महंगा हो रहा है और बिजनेस पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे मुश्किल समय में केंद्र सरकार भारतीय कंपनियों और छोटे कारोबारियों (MSMEs) को डूबने से बचाने के लिए एक महा-प्लान लेकर आ रही है। खबर है कि सरकार जल्द ही ₹2.5 लाख करोड़ की एक क्रेडिट गारंटी स्कीम (Credit Guarantee Scheme) लॉन्च करने वाली है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह स्कीम क्या है और इससे आपको क्या फायदा होगा।
क्या है यह ₹2.5 लाख करोड़ का सुरक्षा कवच?
यह स्कीम असल में ECGLS (इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम) का ही एक बड़ा और नया रूप है। याद है 2020 में कोविड के दौरान सरकार ने छोटे कारोबारियों को बिना गारंटी के लोन दिलाने के लिए ऐसी ही स्कीम शुरू की थी? अब उसी तर्ज पर पश्चिम एशिया संकट (West Asian Crisis) से निपटने के लिए इसे दोबारा लाया जा रहा है।
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90% गारंटी: सरकार बनेगी आपकी गारंटर
बिजनेस लोन लेते समय सबसे बड़ी दिक्कत होती है गारंटी या सिक्योरिटी की। इस नई स्कीम की सबसे खास बात यह है कि बिना किसी सिक्योरिटी के लोन मिलेगा। आपको बैंक को अपनी जमीन या सोना गिरवी रखने की जरूरत नहीं होगी। इसमें 90% रिस्क सरकार का होगा। अगर कोई कंपनी लोन नहीं चुका पाती (डिफॉल्ट), तो बैंक के नुकसान की 90% भरपाई सरकार (NCGTC) करेगी। इससे बैंक बिना डरे बिजनेस को पैसा देंगे।
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किन सेक्टरों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
सरकार का मकसद उन सेक्टरों को लिक्विडिटी (पैसे की उपलब्धता) देना है जो युद्ध की वजह से कैश संकट झेल रहे हैं। खासकर एविएशन (Aviation) सेक्टर। ईरान संकट के कारण फ्लाइट रूट्स बदल गए हैं और फ्यूल महंगा हो गया है। एयरलाइंस को इस वक्त सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है।
दूसरे स्थान पर है MSMEs (लघु उद्योग)। छोटे कारखाने और एक्सपोर्टर्स, जिनका माल अटक गया है। हर वो सेक्टर जो बढ़ती लागत और सप्लाई चेन में रुकावट से परेशान है। इन सेक्टरों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा।
स्कीम की 5 बड़ी बातें:
ब्याज दर की सीमा (Cap): पिछली बार बैंकों के लिए ब्याज 9.25% और NBFCs के लिए 14% तय था, इस बार भी इसे 'सस्ता' रखने की कोशिश होगी।
मोरेटोरियम सुविधा: आपको लोन लेने के पहले साल सिर्फ ब्याज देना होगा, मूलधन (Principal) चुकाने के लिए एक साल की छूट मिल सकती है।
समय सीमा: यह स्कीम 4 साल के लिए वैध होने की उम्मीद है।
कोई अतिरिक्त गारंटी नहीं: कर्ज लेने के लिए आपको कोई एक्स्ट्रा कोलैटरल नहीं देना होगा।
कैबिनेट की मंजूरी: यह प्रस्ताव कैबिनेट के पास भेज दिया गया है और आने वाले कुछ ही दिनों में इसका आधिकारिक ऐलान हो सकता है।