Google Layoff: AI के लिए खर्च जुटा रहा गूगल, कनाडा, फ्रांस, जापान समेत 5 देशों में दिया कर्मचारियों को खुद नौकरी छोड़ने का ऑफर; देगा 12 महीने तक की सैलरी

Google Voluntary Exit Package 2026: गूगल ने एआई पर फोकस बढ़ाने और खर्च घटाने के लिए कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड में कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवरेंस पैकेज की पेशकश की है. जानें पूरा मामला क्‍या है.

Google Voluntary Exit Scheme

गूगल ने कनाडा, फ्रांस, जापान समेत 5 देशों में कर्मचार‍ियों को सेवरेंस पैकेज का ऑफर द‍िया है. (फोटो -एआई)

दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google) में नौकरी करने का सपना लाखों लोग देखते हैं, लेकिन अब कंपनी अपने खर्चों पर लगाम लगाने और एक नया बड़ा दांव खेलने के लिए एक अनोखा रास्ता अपना रही है. गूगल अपने कर्मचारियों को खुद ही स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने (Voluntary Exit) की पेशकश कर रहा है और इसके बदले में शानदार सेवरेंस पैकेज (Severance Package) भी ऑफर कर रहा है. रॉयटर्स (Reuters) की एक रिपोर्ट के अनुसार, गूगल ने इस स्कीम का दायरा बढ़ाते हुए इसे दुनिया के 5 बड़े देशों में लागू कर दिया है.

विज्ञापन

आखिर गूगल अपने कर्मचारियों को खुद नौकरी छोड़ने का ऑफर क्यों दे रहा है? किन्हें यह ऑफर मिल रहा है और कौन-सी टीमें इससे पूरी तरह बाहर हैं? जान‍िये इसके पीछे का पूरा मामला क्‍या है.

विज्ञापन

किन 5 देशों में गूगल दे रहा है Voluntary Exit का ऑफर?

गूगल ने इस स्वैच्छिक निकास (Voluntary Exit) कार्यक्रम को जून के बाद से कई बड़े बाजारों में विस्तारित किया है. यह ऑफर यहां द‍िये गए 5 देशों के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कराया गया है:

  • कनाडा
  • फ्रांस
  • जर्मनी
  • जापान
  • स्विट्जरलैंड

गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट (Alphabet) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने के लिए अरबों डॉलर का निवेश कर रही है. ऐसे में कंपनी अन्य गैर-जरूरी विभागों से अपना खर्च कम करके उस पैसे को सीधे AI टेक्नोलॉजी के विकास में लगाना चाहती है.

विज्ञापन

स्विट्जरलैंड में दिखा असर: हर 1 साल की नौकरी पर 1 महीने की सैलरी का ऑफर
स्विट्जरलैंड में गूगल के करीब 5,000 कर्मचारी काम करते हैं और ज्यूरिख में उनका एक बहुत बड़ा इंजीनियरिंग सेंटर है. वहां जून में कर्मचारियों को यह ऑफर दिया गया था और जिन लोगों ने इसे स्वीकार किया, वे अगस्त से कंपनी छोड़ने लगे हैं. कर्मचारियों को हर 1 साल की सेवा के बदले 1 महीने की सैलरी देने की पेशकश की गई, यानी ज्यादा से ज्यादा 12 महीने की सैलरी तक का पेआउट. बताया जा रहा है कि लगभग 50 लोगों की एक टीम में से कम से कम 4 कर्मचारियों ने इस ऑफर को स्वीकार कर कंपनी को अलविदा कह दिया.

किन टीमों को नहीं मिलेगा नौकरी छोड़ने का ऑफर?
गूगल सभी विभागों से लोगों को नहीं निकाल रहा है. कंपनी ने अपने दो सबसे महत्वपूर्ण और भविष्य के बिजनेस को इस बायआउट ऑफर से पूरी तरह बाहर रखा है. वो हैं गूगल की मुख्य AI रिसर्च विंग Google DeepMind और गूगल की क्लाउड सेवाएं Google Cloud. गूगल इन दोनों ही सेक्टर्स में नई और बड़े पैमाने पर हायरिंग कर रहा है. यानी जहां भविष्य है, वहां नए लोगों को लाया जा रहा है और जहां ज़रूरत कम है, वहां कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज देकर विदा किया जा रहा है.

विज्ञापन

माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) भी चल रहा है यही राह
अकेले गूगल ही ऐसा नहीं कर रहा है. AI में भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स का खर्च उठाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट भी अपने कर्मचारियों को बायआउट ऑफर दे रहा है. माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में यूएस, कनाडा, भारत और यूके में अपने लगभग 60,000 कर्मचारियों, जो लेवल 70 या उससे नीचे वाले हैं, उनके लिए स्वैच्छिक बायआउट योजना का ऐलान किया था. यह माइक्रोसॉफ्ट के कुल वर्कफोर्स का लगभग 27 प्रतिशत हिस्सा है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ