कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) पर सोने की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी देखने को मिल रही है. अगस्त 2026 में सोने के भाव में 13.51% (लगभग 19,212 रुपये प्रति 10 ग्राम) की भारी बढ़त दर्ज की गई है. बीते महज 10 दिनों में ही सोना 4.63% यानी करीब 7,103 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हुआ है.
इकोनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस जबरदस्त तेजी ने उन निवेशकों के चेहरे पर खुशी ला दी है जिन्होंने गिरावट के समय खरीदारी की थी. वहीं, जनवरी 2026 में 1,75,231 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर खरीदारी करने वाले निवेशक अब अपनी लागत निकलने का इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?
जून में क्या थे सोने के भाव?
12 जून की शाम को 23 कैरेट गोल्ड का रेट 147208 रुपये प्रति 10 ग्राम था. 22 कैरेट गोल्ड का रेट 135385 रुपये, 18 कैरेट गोल्ड का रेट 110850 रुपये और 14 कैरेट गोल्ड का रेट शुक्रवार को 86463 रुपये प्रति 10 ग्राम था. एक महीने में गोल्ड का रेट 9434 रुपये प्रति 10 ग्राम नीचे देखने को मिला था
मई में क्या था गोल्ड का रेट
इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार 29 मई 2026 को 24 कैरेट गोल्ड का रेट 157043 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था. शुक्रवार को बुलियंस मार्केट में सोने का भाव 147609 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया. जोकि 29 मई की तुलना में 9434 रुपये प्रति 10 ग्राम थे.
एक्सपर्ट्स की राय: निवेशकों के लिए 3 जरूरी रणनीतियां
- जिन्होंने ऊंचे स्तर पर खरीदा था
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अध्यक्ष और रिद्धि-सिद्धि बुलियंस के एमडी पृथ्वीराज कोठारी का कहना है कि घबराहट में आकर नुकसान पर सोना न बेचें. सोना लंबी अवधि का एसेट है. अगर आपका बजट इजाजत दे, तो गिरावट के दौरान छोटी-छोटी किस्तों में खरीदारी कर अपनी औसत लागत घटाने का प्रयास करें.
- जिन्हें हालिया तेजी से अच्छा मुनाफा मिला
आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स की कमोडिटी रिसर्च एनालिस्ट दिव्या मांडलिया के मुताबिक, मौजूदा ऊंचे भावों पर और अधिक सोना खरीदने से बचें. साथ ही, कीमत गिरने के डर से पूरी तरह बाहर निकलना भी सही नहीं है. वैश्विक कर्ज, भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी जैसे बड़े कारण सोने को मजबूत बनाए हुए हैं. इसलिए 3 से 5 साल का नजरिया रखें.
- लंबी अवधि (10+ साल) वाले निवेशक
कोटक गोल्ड ईटीएफ जैसे फंड्स ने पिछले एक दशक में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. विशेषज्ञों का सुझाव है कि यदि आपके पूरे निवेश पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी 10-15% से अधिक हो गई है, तो आंशिक मुनाफावसूली कर अन्य एसेट्स में रीबैलेंस करें. हालांकि, मुद्रास्फीति से बचाव के लिए पोर्टफोलियो में गोल्ड की बुनियादी होल्डिंग जरूर बनाए रखें.
संबंधित खबरें
IT विभाग की FAST-DS 2026 योजना शुरू, छिपी संपत्ति का खुलासा करने का मौका!
25 mins ago60% से 63% होगा महंगाई भत्ता! जानें कब होगी घोषणा और कितना मिलेगा एरियर
1 hr agoFD मैच्योर होने के बाद भूल गए पैसा निकालना? जानें आपके पैसों का क्या होगा
2 hrs agoगुजरात के पेंशनर्स की महंगाई राहत बढ़कर हुई 443%, 2021 से मिलेगा एरियर
2 hrs agoदेश भर में LPG हड़ताल की चेतावनी, डिस्ट्रीब्यूटर्स ने दिया 1 महीने का समय
3 hrs agoसरकार ने E-85 और 100% एथनॉल ईंधन को दी हरी झंडी, क्या सस्ता होगा पेट्रोल?
3 hrs ago1 नवंबर से लागू होंगे ये बदलाव, आपकी जेब और सफर पर पड़ेगा असर
20 hrs agoअब काउंटर टिकट पर भी मिलेगा 10 लाख रुपये का बीमा, कल से लागू होगा नया नियम
21 hrs agoसोने-चांदी के दाम गिरे, चांदी 2 लाख से नीचे आई; जानें सोने का ताजा भाव
23 hrs agoदिल्ली के इन कर्मचारियों को मिला दिवाली गिफ्ट, बढ़ा महंगाई भत्ता
23 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines