6 प्‍वॉइंट में समझें GDP 8.2% की रफ्तार से बढ़ने के मायने, आम लोगों पर क्‍या होगा असर?

GDP Growth: भारत की GDP ग्रोथ 8.2 की रफ्तार से बढ़ने का क्‍या मतलब है और इसका आपके जीवन पर क्‍या असर होगा, आइये आसान भाषा में समझते हैं.

gdp growth
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GDP Growth: जुलाई-सितंबर में भारत की इकॉनमी उम्मीद से ज्‍यादा 8.2 परसेंट की दर से बढ़ी, जो छह तिमाहियों में सबसे तेज रफ्तार है. दरअसल, ऐसा GST रेट में कटौती के कारण हुआ है. जीएसटी में कटौती से प्रोडक्शन में तेजी आई और कंजम्प्शन भी बढ़ा. इसकी वजह से US के भारी टैरिफ का असर भी कम हो गया.

बहरहाल शुक्रवार को जो ऑफिशियल डेटा जारी किया गया है उसने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी इकोनॉमी का टाइटल बनाए रखने में मदद की.

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GDP ग्रोथ का बढ़ने या घटने का क्‍या मतलब है और इससे देश की इकोनॉमी पर क्‍या असर होता है? आम लोगों पर इसका क्‍या असर होता है? क्‍यों ये इतना जरूरी है क‍ि सरकार हर त‍िमाही इसके आंकड़े जारी करती है? इन सारी चीजों के बारे में आइये आपको आसान भाषा में समझाते हैं :

ज्‍यादा रोजगार और इनकम :
जैसे-जैसे इकॉनमी बढ़ती है, बिजनेस बढ़ते हैं और ज्‍यादा वर्कर हायर करते हैं, जिससे बेरोजगारी दर कम होती है और एवरेज इनकम बढ़ती है.

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बेहतर पब्लिक सर्विस:
एक मजबूत इकोनॉमी सरकार के लिए ज्‍यादा टैक्स रेवेन्यू जेनरेट करती है, जिसका इस्तेमाल हेल्थकेयर और एजुकेशन जैसी पब्लिक सर्विस में सुधार के लिए किया जाता है. जीडीपी ग्रोथ बढ़ने से GST कलेक्शन 9% बढ़ गया है. इनकम टैक्स और कॉर्पोरेट टैक्स में भी इजाफा देखा जा रहा है. इसका इस्‍तेमाल सरकार पब्‍ल‍िक सर्व‍िस को बेहतर बनाने में करती है.

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बेहतर क्वालिटी ऑफ लाइफ:
हिस्टॉरिकली, इकोनॉमिक ग्रोथ ने गुड्स, सर्विस और टेक्नोलॉजी तक ज्‍यादा एक्सेस के कारण बेहतर लिविंग स्टैंडर्ड और लाइफ एक्सपेक्टेंसी बेहतर की है.

बढ़ा इन्वेस्टमेंट:
जब जीडीपी ग्रोथ अच्‍छी होती है तो यह विदेशी इन्वेस्टमेंट को भी अट्रैक्ट करती है और घरेलू कंपनियों को नए प्रोजेक्ट और टेक्नोलॉजी में इन्वेस्ट करने के लिए बढ़ावा देती है. इस साल भारतीय शेयर बाजार में अब तक 40 अरब डॉलर से ज्यादा का एफडीआई (FDI) आ चुका है. इसका मतलब आने वाले सालों में और ज्‍यादा फैक्ट्रियां, टेक्‍नोलॉजी कंपनियां भारत में दस्‍तक देंगी.

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शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में न‍िवेश
जीडीपी ग्रोथ का असर सेंसेक्स और निफ्टी पर भी देखने को म‍िलता है. कंपनियों को इससे ज्‍यादा कमाई की उम्‍मीद बंधती है, ज‍िसका असर शेयर बाजार पर होता है. शेयरों के दाम बढ़ते हैं और इससे उनका मार्केट कैप‍िटल बढ़ता है. SIP या म्यूचुअल फंड में भी न‍िवेश प‍िछले द‍िनों बढ़ा है.

सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी इकोनॉमी का टाइटल
जब दुन‍िया की दूसरी अर्थव्‍यवस्‍थाओं में जीडीपी ग्रोथ स्‍लो डाउन द‍िख रही है, तब भारत की 8.2% की ग्रोथ बहुत ज्‍यादा लग रही है. चीन की जीडीपी (GDP) ग्रोथ 4.8%, अमेरिका की 2.8% और यूरोप की 1% के करीब दर्ज की गई है. ऐसे में भारत के पास अब भी सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी का टाइटल बरकरार है.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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