अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी (Gautam Adani) और ब्लूमबर्ग के सह-संस्थापक माइकल ब्लूमबर्ग (Michael Bloomberg) के बीच नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम (Bloomberg New Economy Forum) के दौरान एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुलाकात हुई.
इस मुलाकात के बाद गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट शेयर करते हुए भारत के ग्रीन एनर्जी ट्रांसमिशन, किफायती बिजली और मुंबई के धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट (Dharavi Redevelopment Project) को लेकर कई बड़े और दूरदर्शी विचार साझा किए.इस मुलाकात में भारत में ग्रीन एनर्जी की चुनौतियां क्या हैं और धारावी के कायाकल्प को लेकर क्या नई योजना है, इन सभी बिन्दुओं पर बात हुई.
पर्यावरण बचाना जरूरी, लेकिन आम आदमी की जेब पर न पड़े डाका
गौतम अदाणी ने कहा कि भारत जैसे विकासशील देश के लिए कार्बन उत्सर्जन घटाना (Decarbonisation) बेहद जरूरी है, लेकिन यह कोई ऐसा फरमान नहीं होना चाहिए जिससे आम जनता के लिए बिजली महंगी हो जाए या कारखाने बंद हो जाएं. अदाणी ने कहा – “अगर ग्रीन एनर्जी गुजरात के किसी छोटे व्यवसायी या उत्तर प्रदेश के किसी आम घर के लिए सस्ती और भरोसेमंद नहीं होगी, तो यह पूरा एनर्जी ट्रांजिशन अपने ही बोझ तले ध्वस्त हो जाएगा.”
विकसित देश अक्सर तेजी से कार्बन कम करने और सख्त नियमों पर जोर देते हैं, जबकि भारत जैसे उभरते देशों की प्राथमिकता करोड़ों लोगों तक सस्ती बिजली, औद्योगिक क्षमता और डिजिटल पहुंच पहुंचाना है. असली प्रगति तभी होगी जब क्लीन एनर्जी जैसे कि सौर, पवन, ग्रीन हाइड्रोजन पारंपरिक कोयला बिजली से भी सस्ती और बेहतर विकल्प बन जाए.
देश बनाने के लिए 2 तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत
गौतम अदाणी के अनुसार, किसी भी देश को मजबूत बनाने के लिए केवल इमारतें और सड़कें बनाना ही काफी नहीं है. उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर को दो भागों में बांटा:
दृश्यमान इंफ्रास्ट्रक्चर (Visible Infrastructure): जो आंखों से दिखता है- जैसे बंदरगाह (Ports), बिजली की ट्रांसमिशन लाइनें, ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट, डेटा सेंटर और ट्रांजिट सिस्टम.
अदृश्य इंफ्रास्ट्रक्चर (Invisible Infrastructure): जो सबसे ज्यादा निर्णायक है – जैसे कि भरोसेमंद आंकड़े (Data), पारदर्शी संस्थाएं और जवाबदेह शासन (Accountable Governance).
धारावी का कायाकल्प:
मुंबई की एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी (Dharavi) के पुनर्विकास पर बात करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि इसे केवल एक जमीन के टुकड़े या रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के रूप में नहीं देखा जा सकता. धारावी छोटे उद्यमियों, कारीगरों और कई पीढ़ियों से रह रहे परिवारों का एक आत्मनिर्भर इकोसिस्टम है.
धारावी के रीडेवलपमेंट की सफलता इस बात से नहीं मापी जाएगी कि वहां कितने स्क्वायर फीट की इमारतें बनीं, बल्कि इस बात से मापी जाएगी कि वहां रहने वालों को क्लाइमेट-रेसिलिएंट (मौसम की मार से सुरक्षित) घर, आधुनिक सफाई व्यवस्था, 24 घंटे बिजली और सुरक्षित रोजगार मिला या नहीं.
माइकल ब्लूमबर्ग के न्यूयॉर्क के मेयर रहने के अनुभवों और डेटा-आधारित गवर्नेंस का फायदा धारावी जैसे घने शहरी इलाके को संवारने में लिया जाएगा.
राष्ट्र निर्माण के 4 अनिवार्य स्तंभ
गौतम अदाणी ने अपनी बात को समाप्त करते हुए कहा कि किसी भी देश का सही निर्माण 4 चीजों से ही संभव है:
धैर्यवान पूंजी (Patient Capital): लंबे समय तक निवेश टिकाए रखना.
जमीनी अमल (Physical Execution): काम को धरातल पर पूरा करना.
पारदर्शी शासन (Transparent Governance): साफ-सुथरी व्यवस्था.
सक्षम स्थानीय नेतृत्व (Capable Local Leadership).