Gas Cylinder Blast Insurance: पिछले दो-तीन दिनों से आग लगने के मामले सामने आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर केस गैस-सिलेंडर के फटने के हैं, जो भीषण आग की वजह बने हैं। अजमेर के रेलवे स्टेशन के सामने वाले रेस्टोरेंट में गैस-सिलेंडर, भीषण गर्मी और तेज हवा के कारण आसपास आग लग गई। जबकि, ताजा मामला दिल्ली के विवेक विहार इलाके का है। जहां स्थित एक बेबी केयर अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर में ब्लास्ट होने से बड़ा हादसा हुआ। वहीं, बात करें अगर घरेलू गैस-सिलेंडर की तो इसके फटने के भी कई मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे में कंपनी द्वारा बीमा का फायदा भी दिया है, लेकिन कुछ उपयोगकर्ता गैस फटने पर बीमा का दावा नहीं कर पाते हैं।
सभी नहीं होते बीमा के हकदार
भारतीय तेल कंपनियों द्वारा गैस-सिलेंडर का यूज करने वालों को बीमा दिया जाता है, लेकिन कुछ लोग बीमा का क्लेम नहीं कर पाते हैं। इसकी वजह उनके द्वारा की गई गलती होती है। गैस कनेक्शन देने वाली कंपनियों की ओर से सिलेंडर पर बीमा तो दिया जाता है, लेकिन इसके लिए भी टर्म्स एंड कंडीशन्स होते हैं।
एक साल में सिर्फ 12 गैस सिलेंडर
भारत में कई कंपनियां हैं जो गैस कनेक्शन लेने के बाद 12 सिलेंडर की अनुमति देती हैं। कंपनी की ओर से ही गैस की सर्विस भी दी जाती है। लापरवाही से गैस-सिलेंडर का इस्तेमाल करना ब्लास्ट होने की वजह बन सकता है। ऐसे में बड़ा हादसा भी हो सकता है।
न करें ये गलती
अगर आपने अपने गैस-सिलेंडर की कनेक्शन कंपनी की बजाए किसी और कंपनी का रेगुलेटर लगा रखा है तो आप बीमा के दावेदार नहीं हो सकते हैं। जबकि, उसी कंपनी का रेगुलेटर, पाइप या अन्य चीजों का यूज करने के बाद भी अगर सिलेंडर ब्लास्ट होता है तो कंपनी की ओर से बीमा की रकम नहीं दी जाती है। गैस सिलेंडर से हादसा होने पर कंपनी 50 लाख रुपये तक का बीमा देती है।