त्योहारों का सीजन खत्म होते ही आम आदमी की जेब पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ने वाली है. अगर आप भी रोजमर्रा की चीजें जैसे साबुन, खाने-पीने का सामान और पैकेटबंद (Packaged) फूड खरीदते हैं, तो दिसंबर से आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं.
पाम ऑयल, चीनी और पैकेजिंग का सामान महंगा होने के कारण FMCG यानी रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं. आइए जानते हैं कि आखिर चीजें क्यों महंगी होने जा रही हैं.
क्यों बढ़ रही हैं रोजमर्रा की चीजों की कीमतें?
कंपनियों के लिए पिछले कुछ महीनों से कच्चे माल (Raw Materials) की लागत लगातार बढ़ रही है. इसके पीछे मुख्य वजहें ये हैं:
पाम ऑयल और चीनी में भारी तेजी: पिछले एक साल में पाम ऑयल की कीमतें करीब 21% और चीनी की कीमतें करीब 18% तक महंगी हो चुकी हैं.
पैकेजिंग और क्रूड महंगा: जिन चीजों से सामान पैक होता है और जो सामग्रियां क्रूड ऑयल से बनती हैं, उनकी लागत भी बढ़ गई है.
मुनाफे पर असर: इन तमाम चीजों के महंगे होने से कंपनियों का मुनाफा (Operating Margin) घट रहा है, क्योंकि वे बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ अभी ग्राहकों पर नहीं डाल पा रही हैं.
त्योहारों के बाद क्यों बढ़ेंगे दाम?
पारले प्रोडक्ट्स के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर मयंक शाह के मुताबिक, कंपनियां इस वक्त फेस्टिव सीजन (त्योहारों) को ध्यान में रखते हुए बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा खुद झेल रही हैं, ताकि ग्राहकों की खरीदारी पर असर न पड़े. लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिकेगी. चूंकि कंपनियों का मार्जिन लगातार कम हो रहा है, इसलिए दिसंबर के महीने से साबुन, तेल और बिस्किट जैसी कई चीजें महंगी हो सकती हैं. कंपनियों ने विज्ञापनों और डिस्काउंट पर खर्च कम करना भी शुरू कर दिया है ताकि किसी तरह लागत को संभाला जा सके.