वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपना बजट प्लान देश के सामने स्पष्ट कर दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट 2026 पेश किया. इस दौरान संसद के विजिटर्स गैलरी में बजट का लाइव अनुभव लेने के लिए कॉलेज स्टूडेंट्स के एक ग्रुप को भी इनवाइट किया गया था. बजट पेश करने के बाद रविवार शाम वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उन छात्रों से मुलाकात की और बताया कि उन्हें संसद क्यों बुलाया गया था.
छात्रों को क्यों बुलाया गया था संसद?
दिल्ली में बजट 2026 पर आयोजित युवा संवाद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस बार उनकी टीम ने कुछ हटकर सोचा. उन्होंने बताया, 'बजट पेश करने के बाद आप हर स्टूडियो या अखबार के पास जाकर इंटरव्यू देते रहते हैं, तो इस बार कुछ अलग क्यों न किया जाए? इसलिए हमने विश्वविद्यालयों से संपर्क किया और छात्रों का एक ग्रुप बुलाया, जिनके साथ यह संवाद संभव हुआ.' सीतारमण ने छात्रों से सीधे पूछा कि संसद में बैठकर बजट सुनने का उनका अनुभव कैसा रहा, जो इस कार्यक्रम की खासियत रही.
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पुरानी भारत की तुलना वर्तमान भारत से…
संवाद के दौरान वित्त मंत्री ने पुरानी भारत की तुलना वर्तमान से करते हुए कहा, 'मैं आपको बता सकती हूं कि जिस देश में मैं पैदा हुई, बड़ी हुई और अब रह रही हूं, वह भारत ऐसा नहीं था जिसे आप याद रखना चाहें. हम भविष्य के लिए ऐसा भारत नहीं चाहते. हम बेहतर भारत बनाना चाहते हैं. मैं यह नहीं कह रही कि अतीत सब बुरा था, लेकिन साम्राज्यवाद से मुक्ति के बाद अर्थव्यवस्थाओं के विकास का तरीका, हमारी विकास गति, विकास का स्वरूप और शासन प्रणाली ने सब कुछ विलंबित कर दिया.'
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उन्होंने जोर देकर कहा कि अब विकास की रफ्तार तेज करने का समय है. यह संवाद युवाओं को बजट प्रक्रिया से जोड़ने का एक अनोखा प्रयास था, जहां सीतारमण ने छात्रों के सवालों का सीधा जवाब दिया और पुरानी प्रणाली की कमियों पर खुलकर बोलीं.