FD Rule: फिक्स्ड डिपॉजिट मैच्योर हो गया और पैसे निकालना भूल गए? जानें आपकी जमा रकम का क्या होगा?

Fixed Deposit FD Maturity Rules: एफडी मैच्योर होने के बाद अगर आप पैसा निकालना भूल जाते हैं, तो बैंक आपके फंड का क्या करते हैं? जानिए RBI के अनक्लेम्ड डिपॉजिट नियम, ऑटो-रिन्यूअल और एफडी रिन्यू करने के सही तरीके.

Fixed Deposit FD Maturity Unclaimed Amount Rules RBI DEA Fund Auto Renewal Details in Hindi.

अगर एफडी मैच्योर होने के बाद पूरे 10 साल तक कोई भी उस पैसे को लेने नहीं आता है, तो बैंक उसे अनक्लेम्ड डिपॉजिट घोषित कर देता है. (Photo- PTI)

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) यानी एफडी हमेशा से हम भारतीयों के लिए निवेश का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद तरीका रहा है. इसमें पैसे डूबने का कोई रिस्क नहीं होता और एक तय समय पर पक्का रिटर्न मिलता है. लेकिन कई बार भागदौड़ भरी जिंदगी या बैंक का मैसेज न मिलने की वजह से लोग FD मैच्योर (पूरी) होने के बाद समय पर पैसे निकालना भूल जाते हैं.

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अगर आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है, तो बिल्कुल परेशान न हों – आपका एक-एक रुपया पूरी तरह सुरक्षित है, कहीं नहीं डूबेगा. बस फर्क इतना पड़ता है कि मैच्योरिटी के बाद उस पर मिलने वाला ब्याज बदल जाता है. जान‍िये समय पर पैसा न निकालने पर बैंक आपके पैसों का क्या करते हैं और आपको FD रिन्यू करनी चाहिए या नहीं.

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FD पूरी होने के बाद पैसा न निकालें, तो क्या होता है?

जब आपकी एफडी की समय सीमा खत्म हो जाती है और आप बैंक को कोई निर्देश नहीं देते, तो बैंक आपके चुने गए ऑप्शन के हिसाब से काम करता है. अगर आपने एफडी खुलवाते वक्त ऑटो-रिन्यूअल का विकल्प चुना था, तो बैंक आपके मूलधन और ब्याज को मिलाकर उतने ही समय के लिए दोबारा नई एफडी बना देता है. अगर बैंक में ऑटो-क्रेडिट का नियम सेट है, तो मैच्योरिटी का पूरा पैसा अपने आप आपके सेविंग्स (बचत) खाते में आ जाता है.

अगर कोई निर्देश सेट नहीं है और पैसा बैंक में ही पड़ा रहता है, तो रिजर्व बैंक (RBI) के नियम के मुताबिक उस पर सेविंग्स अकाउंट का ब्याज या पुरानी FD का ब्याज – इन दोनों में से जो भी कम होगा, वह मिलेगा.

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अगर 10 साल तक कोई पैसा न निकाले तो क्या होगा?
अगर एफडी मैच्योर होने के बाद पूरे 10 साल तक कोई भी उस पैसे को लेने नहीं आता है, तो बैंक उसे अनक्लेम्ड डिपॉजिट घोषित कर देता है. RBI के नियमों के तहत बैंक इस रकम को रिजर्व बैंक के डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड में ट्रांसफर कर देता है. इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपके पैसे डूब गए. RBI सिर्फ आपके पैसों का रखवाला बनता है. जब भी आप या आपका कोई कानूनी वारिस (Legal Heir) सही दस्तावेज दिखाकर दावा करेगा, पूरा पैसा ब्याज समेत वापस मिल जाएगा. अगर अकाउंटholder की डेथ हो जाती है, तो नॉमिनी या कानूनी वारिस डेथ सर्टिफिकेट और आईडी प्रूफ दिखाकर बैंक से आसानी से पूरा पैसा ले सकते हैं.

क्या FD को रिन्यू करना चाहिए या नहीं?
अगर आपकी एफडी पूरी हो चुकी है और आप सोच रहे हैं कि इसे दोबारा रिन्यू करें या निकाल लें, तो इन 3 बातों पर गौर जरूर करें:

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  1. नए ब्याज दरों की तुलना करें: पुरानी FD पर जो ब्याज मिल रहा था और बैंक की मौजूदा नई दरों में अंतर देखें. अगर बैंक अब ज्यादा ब्याज दे रहा है, तो रिन्यू करना फायदे का सौदा है.
  2. पैसों की जरूरत (लिक्विडिटी) देखें: अगर आपको आने वाले दिनों में पैसों की जरूरत पड़ सकती है, तो अपने पैसे को लंबी अवधि की एफडी में दोबारा लॉक न करें. इसकी बजाय आप पैसे को सेविंग्स अकाउंट में रख सकते हैं या अलग-अलग समय पर पूरा होने वाली छोटी-छोटी कई एफडी (FD Laddering) बना सकते हैं.
  3. पेनल्टी के बारे में जान लें: अगर आप जल्दबाजी में कभी इमरजेंसी में समय से पहले पैसा निकालते हैं (Premature Withdrawal), तो बैंक कितना चार्ज या पेनल्टी काटेगा, इसकी जानकारी जरूर रखें.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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