कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आई है. अब पीएफ (PF) का पैसा निकालने के लिए आपको दफ्तरों के चक्कर काटने या लंबी ऑनलाइन प्रक्रिया का हफ्तों इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
सरकार और ईपीएफओ अब ऐसी तकनीक पर काम कर रहे हैं, जिससे आप गूगल पे, फोनपे या भीम (BHIM) जैसे UPI ऐप्स के जरिए सीधे अपने पीएफ का पैसा निकाल सकेंगे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईपीएफओ ने इस सुविधा की टेस्टिंग कुछ प्रमुख बैंकों के साथ शुरू कर दी है और सब कुछ ठीक रहा तो यह सुविधा दिसंबर 2026 के अंत तक शुरू हो सकती है.
कैसे काम करेगी UPI से PF निकालने की नई व्यवस्था?
मौजूदा समय में जब आप पीएफ निकासी के लिए ऑनलाइन क्लेम (Claim) करते हैं, तो क्लेम अप्रूव होने और पैसा बैंक खाते में आने में कई दिन लग जाते हैं. नई योजना के तहत ईपीएफओ आपके UAN (Universal Account Number) को आपके यूपीआई अकाउंट से लिंक कर देगा. रिपोर्ट के अनुसार, ईपीएफओ एक खास मोबाइल ऐप भी ला सकता है, जो भीम (BHIM) और अन्य यूपीआई ऐप्स के साथ मिलकर काम करेगा. इससे क्लेम की प्रक्रिया बेहद तेज हो जाएगी और पैसा सीधे आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा.
क्या आप जब चाहें पूरा PF पैसा निकाल पाएंगे?
यूपीआई की सुविधा मिलने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप जब चाहें अपना पूरा फंड खाली कर दें. ईपीएफओ ने इसके लिए कुछ कड़े नियम तय किए हैं. आप अपने कुल योग्य पीएफ बैलेंस का केवल 75% तक पैसा ही UPI के जरिए निकाल सकेंगे. खाते में कम से कम 25% रकम हमेशा जमा रखनी होगी, ताकि आपकी रिटायर्ड लाइफ सुरक्षित रहे और उस पर टैक्स-फ्री ब्याज (Tax-Free Interest) मिलता रहे. यह पैसा आप बीमारी, शादी, बच्चों की पढ़ाई या घर बनाने/खरीदने जैसी जरूरी वित्तीय जरूरतों के लिए एडवांस के रूप में निकाल पाएंगे.
12 साल बाद बढ़ी PF की सैलरी लिमिट
यूपीआई सुविधा के साथ-साथ केंद्र सरकार ने नौकरीपेशा वर्ग को एक और बड़ा झटका-कम-तोहफा दिया है. पीएफ कवरेज के लिए अनिवार्य वेतन सीमा (Salary Limit) को 15,000 प्रति माह से बढ़ाकर 25000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है. यह बदलाव पूरे 12 साल बाद किया गया है.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इस फैसले से करीब 51 लाख और कर्मचारी मैंडेटरी पीएफ कवरेज के दायरे में आ जाएंगे, जिससे उनकी सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी. बता दें कि ईपीएफओ के कुल 30 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं और इसका कुल फंड साइज लगभग 26 लाख करोड़ रुपये है.
ईपीएफओ का यह कदम एमर्जेंसी के समय पैसों की किल्लत झेल रहे कर्मचारियों के लिए वरदान साबित होगा. अब अस्पताल या किसी अचानक आई जरूरत के समय आपको हफ्तों क्लेम पास होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.