ईपीएफओ (EPFO) ग्राहकों के लिए वास्तव में एक शानदार खबर है! श्रम मंत्रालय ने उन लाखों लोगों की सुध ली है जिनके पीएफ (PF) खातों में छोटी रकम सालों से बिना किसी इस्तेमाल के पड़ी हुई थी. दरअसल अक्सर लोग नौकरी बदलने के बाद अपने पुराने पीएफ खाते की छोटी रकम जैसे 500 या 800 रुपये को निकालने की जहमत नहीं उठाते, क्योंकि प्रोसेस लंबा होता है. अब सरकार ने इसे खुद वापस करने का जिम्मा उठाया है. हालांकि यह नियम फिलहाल उन खातों पर लागू है जिनमें 1000 रुपये या उससे कम की राशि जमा है. जिन खातों में Aadhaar और Bank Details पहले से अपडेट (KYC) हैं, उनमें पैसा प्राथमिकता पर भेजा जाएगा. इसके लिए आपको न तो कोई आवेदन (Claim Form) भरना है और न ही ईपीएफओ दफ्तर के चक्कर काटने हैं. यह पैसा सीधे आपके उस बैंक खाते में भेज दिया जाएगा जो आपके UAN से लिंक है.
बता दें कि फिलहाल इसे एक ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया है. अगर यह सफल रहा, तो बड़ी रकम वाले निष्क्रिय खातों (करीब 25 लाख और खाते) पर भी इसे लागू किया जा सकता है.
आंकड़ों पर एक नजर
अगर सरकारी आंकड़ों की मानें तो ईपीएफओ में कुल निष्क्रिय खातों की संख्या करीब 31 लाख है. इनमें 6 लाख ऐसे खाते हैं, जिनमें 1000 रुपये से कम राशि है. निष्क्रिय खातों में कुल 11000 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं.
बता दें कि यह रिफंड ऑटोमेटिक होगा, इसलिए ईपीएफओ कभी भी आपसे फोन पर OTP या बैंक विवरण नहीं मांगेगा. ऐसे किसी भी फर्जी कॉल या मैसेज से सावधान रहें जो रिफंड दिलाने के नाम पर आपकी जानकारी मांगे.
अपने निष्क्रिय पड़े पुराने पीएफ खाते का बैलेंस घर बैठे ऑनलाइन कैसे चेक करें?
अगर आपकी पिछली नौकरी का पीएफ (PF) खाता सालों से इनएक्टिव यानी निष्क्रिय पड़ा है, तो घबराएं नहीं. 2026 के नए नियमों और डिजिटल सुविधाओं के कारण अब पुरानी रकम का पता लगाना और उसे चेक करना बहुत आसान हो गया है.
यहां निष्क्रिय (Inactive) खाते का बैलेंस चेक करने के 3 सबसे प्रभावी तरीके दिए गए हैं:
EPFO पासबुक पोर्टल के जरिए (UAN नंबर होने पर)
अगर आपके पास अपना UAN (Universal Account Number) है, तो आप पुराने से पुराने अकाउंट का बैलेंस देख सकते हैं:
- EPFO Passbook Portal पर जाएं.
- अपना UAN, पासवर्ड और कैप्चा भरें.
- आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक OTP आएगा, उसे दर्ज कर लॉग इन करें.
- लॉग इन के बाद, ‘Select Member ID’ के ड्रॉप-डाउन मेनू में आपकी पुरानी कंपनियों की Member IDs दिखेंगी.
- अपनी पुरानी आईडी चुनें और ‘View Passbook’ पर क्लिक करें. वहां आपको पुराना बैलेंस और उस पर मिला ब्याज दिख जाएगा.
UMANG ऐप के जरिए
अगर आप कंप्यूटर का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो फोन पर UMANG ऐप सबसे बेहतर है:
- ऐप स्टोर से UMANG डाउनलोड करें और ‘EPFO’ सर्च करें.
- Employee Centric Services में जाकर View Passbook पर क्लिक करें.
- UAN और OTP डालकर लॉग इन करें.
- यहां आपकी सभी पुरानी मेंबर आईडी (Member IDs) दिखेंगी. जिस भी निष्क्रिय खाते का बैलेंस देखना है, उस पर क्लिक करें.
अगर UAN नंबर नहीं है तो क्या करें?
कई बार पुराने खातों के समय UAN की सुविधा नहीं थी. ऐसी स्थिति में आप Inoperative Account Helpdesk का सहारा ले सकते हैं:
- ईपीएफओ की वेबसाइट पर Inoperative Account Helpdesk सेक्शन में जाएं.
- यहां अपनी पुरानी कंपनी का नाम, स्थापना कोड (Establishment Code) और अपनी जॉइनिंग/छोड़ने की तारीख जैसी जानकारी भरें.
- ईपीएफओ की टीम आपके विवरण के आधार पर आपके पुराने खाते को ट्रैक करने में मदद करेगी.
- आप ईपीएफओ के टोल-फ्री नंबर 14470 पर भी कॉल कर सकते हैं.
संबंधित खबरें
करवाचौथ पर चांद निकलते ही चांदी के दाम धड़ाम, 1.90 लाख के नीचे पहुंची कीमत
2 hrs ago8 रुपये प्रति लीटर तक महंगा होगा दूध, राज्य सरकार का बड़ा फैसला
7 hrs agoजुलाई-सितंबर तिमाही में 7.35% रहेगी भारत की GDP ग्रोथ: वित्त मंत्रालय
7 hrs agoअंबुजा सीमेंट्स Q2 नतीजे जारी, 9197 करोड़ रुपये रहा रेवेन्यू, जानें अपडेट
8 hrs agoसेंसेक्स में 600 अंकों की तूफानी तेजी, जानिए बाजार में अचानक उछाल की वजहें
10 hrs agoPNB में डिजिटल डकैती, ग्रेटर नोएडा में बैंक ग्राहकों के कैसे डूबे 35 करोड़
13 hrs agoAmazon में किंडल और इको टीम से 250 कर्मचारियों की छंटनी, AI बना बड़ी वजह
13 hrs agoचीन में फूटा AI का बुलबुला, 4 महीने में स्वाहा हुए 40 लाख करोड़ रुपये
15 hrs agoप्लास्टिक नोट को सरकार से मंजूरी, छपेंगे 10 और 20 रुपये के 1 अरब पॉलिमर नोट
16 hrs agoपीएम किसान की 24वीं किस्त कल होगी जारी, आज ही चेक कर लें अपना स्टेटस
16 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines