केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत देते हुए पेंशन नियमों में अहम सुधार किया है. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से पुरानी पेंशन योजना (OPS) में जाने की प्रक्रिया को अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और पारदर्शी बना दिया गया है. वित्त मंत्रालय ने इसके लिए एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है. यह नया नियम 17 सितंबर 2025 के पुराने दिशानिर्देशों की जगह लेगा. यह बदलाव खास तौर पर उन पात्र मामलों के लिए है, जहां किसी सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान दुर्भाग्यवश मृत्यु हो जाती है या वे गंभीर दिव्यांगता का शिकार हो जाते हैं. ऐसे मामलों में कर्मचारी या उनके आश्रित परिवार को NPS से OPS के तहत पेंशन का विकल्प दिया जाता है. पहले इस पूरी प्रक्रिया में कई तकनीकी और कागजी दिक्कतें आती थीं, जिन्हें दूर करने के लिए मंत्रालय ने संशोधित SOP को मंजूरी दी है.
कर्मचारी पेंशन स्कीम 2026 में बदलाव, अधिसूचना जारी
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारी पेंशन स्कीम 2026 के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. सरकार ने पेंशन गणना के लिए 15,000 रुपये प्रति माह तक की मजदूरी सीमा को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया है. मंत्रालय द्वारा जारी इस अधिसूचना के तहत पेंशन स्कीम के पैरा 4 के उप-पैरा (2) में महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव किए गए हैं. जारी अधिसूचना (सा.का.नि. 890(अ)) के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 15 की उपधारा (1) के खंड (ख) के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार ने यह संशोधन किया है.
नया PPO जारी होगा, पुराना बैंक में करना होगा जमा
नई व्यवस्था के तहत, NPS से OPS में ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होते ही संबंधित पेंशनर को नया नियमित पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) जारी किया जाएगा. नया PPO तैयार करने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित सरकारी कार्यालयों और पेंशन अधिकारियों की होगी. नया PPO मिलने के बाद पेंशनर को अपना पुराना प्रोविजनल पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPPO) अपनी बैंक शाखा में जमा कराना होगा. बैंक उस पुराने PPPO को जरूरी रिकॉर्ड के लिए संबंधित पेंशन अधिकारियों के पास भेजेगा. ध्यान रहे कि पेंशनरों को हर साल नवंबर महीने में अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का नियम पहले की तरह ही अनिवार्य रहेगा.
‘NPS सेंट्रल’ से सेवाएं हुईं और आसान
पेंशनधारकों की सुविधा के लिए हाल ही में ‘एनपीएस सेंट्रल’ प्लेटफॉर्म भी शुरू किया गया है. तीनों केंद्रीय रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों (CRA) द्वारा तैयार इस साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कर्मचारी आसानी से रजिस्ट्रेशन, निवेश और पेंशन खातों का प्रबंधन कर सकते हैं. साथ ही, इसके जरिए अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा वाले ‘NPS स्वास्थ्य’ का लाभ भी लिया जा सकता है.