सोचिए, आप बड़े आराम से अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने बैठते हैं, टैक्स पोर्टल खोलते हैं और अचानक आपको पता चलता है कि आपके नाम पर मुंबई में कोई करोड़ों की की कंपनी चल रही है. इतना ही नहीं, आपके पैन (PAN) कार्ड पर ₹79.4 करोड़ का बिजनेस टर्नओवर दर्ज है, जिसके बारे में आपको भनक तक नहीं थी.
कुछ ऐसा ही चौंकाने वाला वाकया दिल्ली के एक शख्स के साथ हुआ है. जब उन्होंने अपना एनुअल इंफॉर्मेान स्टेटमेंट(Annual Information Statement) चेक किया, तो उनके होश उड़ गए.
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली के रहने वाले इस व्यक्ति को जब अपना ITR दाखिल करना था, तो उन्होंने इनकम टैक्स पोर्टल पर अपना AIS चेक किया. वहां उन्हें दिखा कि उनके पैन कार्ड का इस्तेमाल करके मुंबई के एक पते पर फर्जी तरीके से GST रजिस्ट्रेशन कराया गया था. इस फर्जी कंपनी के तहत करीब 79.4 करोड़ रुपये के माल की बिक्री दिखाई गई थीः
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि न तो उनकी मुंबई में कोई दुकान या ऑफिस है, न ही उन्होंने किसी को अपना पैन, फोटो, ओटीपी या KYC डॉक्यूमेंट दिए .
पड़ताल में सामने आया कि उस फर्जी GST नंबर का बायोमेट्रिक या ई-केवाईसी (e-KYC) वेरिफिकेशन तक नहीं हुआ था. बाद में डिपार्टमेंट ने उस GST नंबर को खुद ही (Suo-moto) कैंसल कर दिया था. फिलहाल, दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने इस मामले में धोखाधड़ी और जालसाजी (Forgery) की FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
अगर आपके PAN कार्ड का गलत इस्तेमाल हो जाए, तो क्या करें?
इस मामले ने हर टैक्सपेयर के लिए एक चेतावनी जारी कर दी है. अगर आपको भी अपने AIS या TIS में कोई ऐसा ट्रांजैक्शन या बिजनेस दिखता है जो आपने नहीं किया है, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
- सारे सबूत और स्क्रीनशॉट संभाल कर रखें
सबसे पहले अपने AIS, 26AS और GST पोर्टल का स्क्रीनशॉट ले लें. जिस फर्जी GSTIN या कंपनी का नाम दिख रहा है, उसकी पूरी डिटेल (पीडीएफ/प्रिंट) सेव कर लें.
- इनकम टैक्स पोर्टल पर ऑब्जेक्शन (Feedback) दर्ज करें
इनकम टैक्स पोर्टल (e-Filing Portal) पर जाएं और AIS सेक्शन में जाकर उस गलत ट्रांजैक्शन पर Information is not correct या Income is not belong to me का फीडबैक/ऑब्जेक्शन सबमिट करें.
- पुलिस में शिकायत (Cyber FIR) दर्ज कराएं
चूंकि यह आपकी पहचान (KYC) की चोरी का मामला है, इसलिए तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या Cyber Crime Portal (cybercrime.gov.in) पर लिखित शिकायत दर्ज कराएं और FIR/शिकायत की पावती (Acknowledgement) सुरक्षित रखें.
- GST पोर्टल और इनकम टैक्स विभाग को सूचित करें
संबंधित क्षेत्र के आयकर अधिकारी (AO) और GST विभाग को लेटर/ईमेल लिखकर सूचित करें कि यह रजिस्ट्रेशन फर्जी है और इसमें आपकी कोई सहमति नहीं थी. पुलिस शिकायत की कॉपी भी साथ लगाएं.
हर साल ITR फाइल करने से पहले अपना AIS (Annual Information Statement) और Form 26AS जरूर चेक करें. यह सिर्फ टैक्स बचाने के लिए नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी जरूरी है कि कहीं कोई आपके नाम पर करोड़ों का खेल तो नहीं खेल रहा.