Dabur Group Statement Mahadev App Case Religare Acquisition: मुंबई पुलिस ने महादेव सट्टेबाजी एप मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने आरोपी के रूप में नामित 31 लोगों में डाबर ग्रुप के अध्यक्ष मोहित बर्मन और निदेशक गौरव बर्मन का नाम भी शामिल किया है। हालांकि मीडिया में खबरें आने के बाद डाबर ग्रुप और बर्मन परिवार ने इस पर बयान जारी किया है। डाबर समूह और बर्मन परिवार ने सट्टेबाजी एप घोटाले से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है।
औपचारिक सूचना नहीं मिली
बर्मन परिवार के एक प्रवक्ता ने कहा कि मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर और मीडिया में रिपोर्ट पर उन्हें कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है। प्रवक्ता ने कहा, “हमें ऐसी किसी भी एफआईआर की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, हमने एफआईआर देखी है जिसे मीडिया हाउसों में प्रसारित किया जा रहा है। एफआईआर स्पष्ट रूप से झूठी और आधारहीन है। एफआईआर में सब गलत बताया गया है। उसका सच्चाई से कोई लेना देना नहीं है।”
किसी भी आरोपी से नहीं मिले
परिवार के प्रवक्ता ने कहा- मीडिया में प्रसारित की जा रही एफआईआर की प्रति के अनुसार मोहित बर्मन और गौरव बर्मन सीधे तौर पर कुछ आरोपियों से संबंधित होने का आरोप लगाया जा रहा है। ‘अनसीन एग्जीबिट-F’ में तथाकथित रिश्तों को उजागर करने की बात कही जा रही है। परिवार का यह भी कहना है कि वे मुंबई पुलिस द्वारा एफआईआर में नामित किसी भी आरोपी से कभी नहीं मिले हैं।
रेलिगेयर के अधिग्रहण को रोकने का प्रयास
”दिलचस्प बात यह है कि एफआईआर ऐसे समय में आई है जब बर्मन परिवार ने रेलिगेयर एंटरप्राइजेज में अपनी मौजूदा हिस्सेदारी 21.24% बढ़ाने की मांग की है। उसने सेबी टेकओवर कोड के तहत ओपन ऑफर किया है। प्रवक्ता ने कहा, यह एफआईआर और कुछ नहीं बल्कि बर्मन परिवार द्वारा रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड के अधिग्रहण को रोकने के प्रयास में उठाया गया एक कदम है।”
प्रवक्ता ने बर्मन परिवार की ओर से आरोप लगाया कि यह परिवार पर दबाव बनाने की चाल लगती है। प्रवक्ता ने कहा, “बर्मन परिवार इन कदमों से स्तब्ध है, जो पूरी तरह से अवैध हैं। फिर भी, हम दृढ़ हैं कि हम रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के अधिग्रहण के साथ आगे बढ़ेंगे।”
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इससे पहले मुंबई पुलिस ने 32 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जुए की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर के अनुसार मोहित बर्मन को 16वें, जबकि गौरव बर्मन को 18वें नंबर पर आरोपी के तौर पर लिस्ट किया गया है।
प्रकाश बैंकर की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई शिकायत
सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश बैंकर की शिकायत के आधार पर 7 नवंबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। यह मामला महादेव एप की सब्सिडरी खिलाड़ी नाम की सट्टेबाजी एप चलाने के आरोप में दर्ज किया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कथित महादेव बुक ऑनलाइन सट्टेबाजी एपीपी सिंडिकेट की भी जांच कर रहा है। इस सट्टेबाजी सिंडिकेट के प्रमोटर कथित तौर पर विदेश में बैठे हैं और अपने दोस्तों और सहयोगियों की मदद से पूरे भारत में हजारों पैनल चला