जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है. कयास लगाए जा रहे थे कि बुधवार 21 अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में सरकार डीए हाइक पर मुहर लगा देगी, लेकिन कोई ऐलान नहीं हुआ.
दशहरा बीत जाने के बाद भी अब तक डीए (DA) बढ़ोतरी की घोषणा न होने से कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं. जानिये डीए को लेकर ताजा स्थिति क्या है, कितना भत्ता बढ़ने की उम्मीद है और 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर क्या बड़ा अपडेट है.
21 अक्टूबर को क्यों नहीं हुआ डीए पर फैसला?
कर्मचारी संगठनों को उम्मीद थी कि दशहरा के ठीक बाद 21 अक्टूबर को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में डीए बढ़ोतरी को हरी झंडी मिल जाएगी. लेकिन 21 अक्टूबर को कैबिनेट की कोई आधिकारिक बैठक नहीं हुई, जिससे डीए पर फैसला लटक गया. बता दें कि इससे पहले 14 अक्टूबर को रेलवे कर्मचारियों के लिए बोनस और 16 अक्टूबर को नॉन-परफॉर्मिंग बोनस का ऐलान किया गया था, लेकिन डीए पर बात नहीं बनी.
क्या बिना कैबिनेट के हो सकता है ऐलान? जी हां, वित्त मंत्रालय बिना कैबिनेट बैठक के भी सीधे नोटिफिकेशन जारी करके डीए बढ़ोतरी की घोषणा कर सकता है. हालांकि, पिछले कुछ सालों से कैबिनेट मंजूरी का ही ट्रेंड रहा है.
डीए में 3% की बढ़ोतरी तय, कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी?
माना जा रहा है कि सरकार जुलाई 2026 छमाही के लिए डीए में 3% की बढ़ोतरी करेगी. इससे वर्तमान 60% डीए बढ़कर 63% हो जाएगा. इसे एक उदाहरण से समझें:
मान लीजिए बेसिक सैलरी: 44,900 रुपये है.
60% की दर से वर्तमान डीए: 26,940 रुपये प्रति माह
63% डीए होने पर नया भत्ता: 28,287 रुपये प्रति माह
यानी हर महीने 1,347 रुपये की सीधी बढ़ोतरी होगी. सालाना 16,164 रुपये ज्यादा सैलरी आएगी. बता दें कि डीए की वास्तविक रकम कर्मचारी के बेसिक पे पर निर्भर करेगी. जब भी घोषणा होगी, जुलाई 2026 से अब तक का एरियर (Arrears) भी साथ मिलेगा.
8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक और राहत भरी खबर 8वें वेतन आयोग से जुड़ी है. 8वां वेतन आयोग 22 अक्टूबर से मुंबई में कई कर्मचारी संगठनों और हितधारकों के साथ बैठकें शुरू कर रहा है. नवंबर 2025 में गठित इस आयोग को 18 महीने में अपनी रिपोर्ट देनी है. माना जा रहा है कि 2027 की पहली छमाही में रिपोर्ट आ जाएगी और सरकार इसे 1 जनवरी 2026 से बैकडेट (Arrears के साथ) में लागू कर सकती है.