अक्सर जब हम हेल्थ या मोटर इंश्योरेंस खरीदते हैं, तो हमें लगता है कि हमारा सारा पैसा सिर्फ हमारी सुरक्षा में जा रहा है. लेकिन सच तो यह है कि उस भारी-भरकम प्रीमियम का एक बहुत बड़ा हिस्सा बिचौलियों, एजेंटों और डीलरों के कमीशन में चला जाता है.
इसी कमीशन के खेल को खत्म करने और इंश्योरेंस को सस्ता बनाने के लिए भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण यानी IRDAI (इरडा) ने एक धमाकेदार ड्राफ्ट प्रस्ताव तैयार किया है.
हेल्थ इंश्योरेंस: 40% वाले कमीशन पर लगी कैंची
जब हम हेल्थ इंश्योरेंस लेते हैं, तो पहले साल के प्रीमियम का एक बड़ा हिस्सा एजेंट और डिस्ट्रीब्यूटर की जेब में चला जाता है. पहले साल में डिस्ट्रीब्यूटर को 40% तक भारी-भरकम कमीशन मिलता था. लेकिन अब इरडा ने इसे सीधे घटाकर 15% करने का प्रस्ताव रखा है. वहीं एजेंट का कमीशन 20% तय करने की बात कही गई है. पॉलिसी रिन्यू कराने पर भी डिस्ट्रीब्यूटर का कमीशन घटाकर 5% और एजेंट का 10% किया जाएगा, जो पहले 10-15% तक होता था.
आपको बता दें कि जीएसटी में कटौती के बाद भी जब इंश्योरेंस कंपनियों ने प्रीमियम बढ़ा दिए थे, तो ग्राहकों को फायदा नहीं मिला था. लेकिन अब कमीशन घटने से सीधे तौर पर प्रीमियम के दाम कम हो सकते हैं.
मोटर इंश्योरेंस: कार डीलरों की मनमानी पर लगा ब्रेक
क्या आपको पता है कि नई कार खरीदते समय जो इंश्योरेंस हमें कार शोरूम वाला थमाता है, उसमें भारी भरकम कमीशन छिपा होता है. पिछले दो सालों में मोटर इंश्योरेंस के प्रीमियम में 34% और उनके कमीशन में 259% की तूफानी बढ़ोतरी हुई है.
वित्त वर्ष 2025 में मोटर इंश्योरेंस के 29000 करोड़ में से 7050 करोड़ रुपये सिर्फ कमीशन में चले गए. कई जगहों पर तो 50% तक कमीशन वसूला जा रहा था.
अब क्या बदलेगा?
कार डीलरों का कमीशन घटाकर अधिकतम 15% तय करने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही कार डीलरों को अपने शोरूम में बीमा सुगम पोर्टल (Bima Sugam Portal) का QR कोड सार्वजनिक रूप से लगाना होगा. ग्राहक खुद इसे स्कैन करके सीधे थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस खरीद सकेंगे और एजेंट का कमीशन बचा सकेंगे.
लोन के साथ जबरन थमाई जाने वाली पॉलिसी पर बैन
इसके साथ ही आपने ये भी गौर किया होगा कि जब भी आप बैंक से होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लेने जाते हैं, तो बैंक वाले जबरदस्ती एक बेवजह का इंश्योरेंस प्लान भी साथ में चिपका देते हैं.
इरडा ने इस मिस-सेलिंग पर सख्त रवैया अपनाते हुए लोन के साथ गैर-जरूरी इंश्योरेंस बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया है.
कब लागू होगा यह नियम?
इरडा ने इस मसौदे (Draft) पर 25 अक्टूबर तक सभी पक्षों, जैसे कि कंपनी, डिस्ट्रीब्यूटर और जनता से सुझाव मांगे हैं. इस नए प्रस्ताव की खबर आते ही शेयर बाजार में इंश्योरेंस कंपनियों के शेयरों में गुरुवार को बड़ी गिरावट भी दर्ज की गई.
कुल मिलाकर, इरडा का यह कदम बिचौलियों के मोटे मुनाफे पर नकेल कसेगा और उस बचत का सीधा फायदा आपकी और हमारी जेब तक पहुंचाएगा. तो अगली बार जब अपनी कार या हेल्थ पॉलिसी रिन्यू कराएं, तो इस नए नियम को जरूर याद रखिएगा.