सरकारी कर्मचारियों के लिए सितंबर का महीना खुशियों की दोगुनी सौगात लेकर आया है. आमतौर पर महीने की आखिरी तारीख यानी 30 या 31 तारीख को आने वाली सैलरी इस बार 5 दिन पहले यानी 25 सितंबर को ही कर्मचारियों के बैंक खातों में क्रेडिट (Credit) होने वाली है.
अब आप सोच रहे होंगे कि सरकार अचानक इतनी मेहरबान कैसे हो गई? क्या कोई त्योहार है या कोई और माजरा है? आइए, जानते हैं कि आखिर इस एडवांस सैलरी के पीछे का असली खेल क्या है.
5 दिन पहले क्यों आ रही है सैलरी? जानिए 5 दिनों का गणित
सैलरी जल्दी आने के पीछे सरकार का प्यार तो है ही, लेकिन इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है बैंकों का ताला. दरअसल, सितंबर के आखिरी हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं. 26 सितंबर को महीने का चौथा शनिवार होने के कारण बैंकों की आधिकारिक छुट्टी है.
वहीं 27 सितंबर को हफ्ते की नियमित रविवार की छुट्टी है, हालांकि ग्राहकों की राहत के लिए बैंकों को खोलने का आदेश भी दिया गया है. 28 से 30 सितंबर यानी सोमवार से बुधवार तक यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने अपनी मांगों को लेकर 3 दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल (Bank Strike) का ऐलान कर रखा है.
सोचिए, अगर 26 से 30 सितंबर के बीच बैंकों में काम-काज पूरी तरह ठप रहेगा, तो महीने की आखिरी तारीख को लाखों कर्मचारियों की सैलरी प्रोसेस कैसे होगी?
इसी सिरदर्द से बचने के लिए वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने समझदारी दिखाते हुए सभी सरकारी विभागों और मंत्रालयों को सलाह दी है कि वे बिना देरी किए 25 सितंबर को ही एडवांस में सैलरी जारी कर दें.
कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, पर संभलकर करना खर्च
25 तारीख को ही जेब में सैलरी का आ जाना किसी जैकपॉट से कम नहीं लगता! वीकेंड से ठीक पहले सैलरी आने का मतलब है कि शॉपिंग, आउटिंग और पेंडिंग बिल भरने का काम झटपट हो जाएगा.
लेकिन… ठहरिए. यहां एक छोटी सी चेतावनी भी है. 25 सितंबर को सैलरी आ तो जाएगी, लेकिन अगली सैलरी सीधे 31 अक्टूबर को आएगी. यानी इस बार आपको 30 दिन नहीं, बल्कि पूरे 35-36 दिनों तक बजट खींचना पड़ेगा. इसलिए जोश-जोश में पहली ही तारीख तक पूरा अकाउंट खाली मत कर दीजिएगा.
सरकार के इस फैसले से केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई है. अगर आपके घर में भी कोई केंद्रीय कर्मचारी है, तो आज ही 25 तारीख वाली इस खुशखबरी का जश्न मना लीजिए.