बजट 2026 में सरकार ने कैपेक्स (Capital Expenditure) यानी बुनियादी ढांचे पर खर्च को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार कुल 12.2 लाख करोड़ रुपये का कैपेक्स तय किया है, जो पिछले साल के 11.11 लाख करोड़ से करीब 10% ज्यादा है. आइये जानते हैं कि वित्त मंत्री सीतारमण ने किन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा पैसे एलोकेट किए हैं. यहां उन टॉप सेक्टर्स की लिस्ट है जिन्हें इस बजट में सबसे ज्यादा पैसा मिला है:
तंबाकू पर 300% बढ़ा टैक्स, 18 रुपये वाली सिगरेट के लिए खर्च करने होंगे 72 रुपये!
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- रक्षा मंत्रालय (Defence) - 7.8 लाख करोड़
रक्षा क्षेत्र को इस बार भी सबसे बड़ी हिस्सेदारी मिली है. रक्षा बलों के आधुनिकीकरण के लिए 2.1 लाख करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं. इसका इस्तेमाल नए लड़ाकू विमानों, पनडुब्बियों और स्वदेशी हथियारों को खरीदने में होगा. - रेलवे और परिवहन (Railways & Transport)
हाई-स्पीड रेल के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (जैसे मुंबई-पुणे, दिल्ली-वाराणसी) के लिए भारी आवंटन हुआ है. ट्रेनों में 'कवच' (एंटी-कोलिजन तकनीक) लगाने के लिए बजट बढ़ाया गया है. पश्चिम बंगाल के डानकुनी से सूरत के बीच नया 'डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर' बनाने की घोषणा हुई है. - मैन्युफैक्चरिंग और चिप्स (Manufacturing & Semi-conductors)
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए आवंटन बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है. ISM 2.0 के तहत 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' का दूसरा चरण लॉन्च होगा, जिससे भारत चिप मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बन सके. - कृषि और ग्रामीण विकास (Agriculture)
'भारत-विस्तार' (Bharat-VISTAAR) नामक एआई पोर्टल के लिए फंड दिया गया है. जलाशयों और अमृत सरोवरों के विकास के लिए बड़ी राशि आवंटित की गई है. छोटे उद्योगों के लिए 10,000 करोड़ का 'MSME ग्रोथ फंड' बनाया गया है. - हेल्थ और बायो-फार्मा (Health & Pharma)
अगले 5 सालों के लिए 10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है ताकि नई वैक्सीन और दवाओं पर रिसर्च हो सके. राज्यों को 5 नए 'मेडिकल हब' बनाने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी.
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