Budget Agriculture Expectation 2026 : कल 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले बजट से देश के करोड़ों किसानों को काफी उम्मीदें हैं. एक्सपर्ट्स और हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार इस बार कृषि को केवल कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि एक ग्रोथ इंजन के रूप में देख रही है. इस बार किसानों के लिए कई घोषणाएं हो सकती हैं. आइये आपको बताते हैं इस बजट में किसानों को क्या-क्या मिल सकता है?
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PM-Kisan की राशि में बढ़ोतरी
यह इस बजट की सबसे बड़ी उम्मीद है. चर्चा है कि सरकार PM-Kisan सम्मान निधि की सालाना राशि को 6000 से बढ़ाकर 8000 या 9000 कर सकती है. कयोंकि साल 2019 के बाद से यह राशि नहीं बढ़ी है, इसलिए बढ़ती लागत को देखते हुए यह एक बड़ा तोहफा हो सकता है.
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कृषि ऋण (Agri Credit) का नया लक्ष्य
खेती के लिए सस्ता लोन मिलना आसान हो सकता है. सरकार कृषि ऋण के लक्ष्य को पिछले साल के 32.50 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 35 लाख करोड़ रुपये के पार ले जा सकती है. इससे किसान साहूकारों के कर्ज के जाल से बच सकेंगे.
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नकली बीजों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'
बजट सत्र में एक नया बीज विधेयक (New Seed Bill) पेश किया जा सकता है. इसमें नकली या घटिया बीज बेचने वालों के लिए भारी जुर्माना (30 लाख रुपये तक) और जेल की सजा का कड़ा प्रावधान हो सकता है, ताकि बुवाई के समय किसानों का नुकसान न हो.
PM-KUSUM 2.0 और सोलर पंप
खेतों के सोलराइजेशन (Solarisation) के लिए सरकार PM-KUSUM 2.0 लॉन्च कर सकती है. इसमें सोलर पंप लगाने के लिए मिलने वाले फंड में 45% तक की बढ़ोतरी की संभावना है. इससे किसानों की सिंचाई लागत कम होगी और वे बिजली बेचकर अतिरिक्त कमाई भी कर सकेंगे.
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कीटनाशकों और खाद पर राहत
एग्रो-केमिकल इंडस्ट्री ने मांग की है कि कीटनाशकों (Pesticides) पर इंपोर्ट ड्यूटी 10% से घटाकर 5% की जाए. अगर ऐसा होता है, तो खेती में इस्तेमाल होने वाली दवाएं और खाद सस्ती हो सकती हैं.
एक खास योजना:
खबर है कि PM धन-धान्य कृषि योजना को 100 नए जिलों में विस्तारित किया जा सकता है, जो विशेष रूप से मिट्टी की जांच और स्थानीय फसलों के विविधीकरण (जैसे दाल और तिलहन) पर ध्यान केंद्रित करेगी.