Budget 2026: बजट को अंतिम रूप देने और उसकी छपाई (Printing) शुरू होने से ठीक पहले वित्त मंत्रालय के मुख्यालय (नॉर्थ ब्लॉक, दिल्ली) में एक बड़ी कड़ाही में हलवा बनाया जाता है. वित्त मंत्री खुद इस हलवे को हिलाकर इसकी शुरुआत करते हैं और मंत्रालय के अधिकारियों व कर्मचारियों को परोसते हैं. यह आयोजन बजट के ‘लॉक-इन’ (Lock-in) प्रक्रिया की शुरुआत माना जाता है.
क्या है इसका इतिहास और महत्व
भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ काम की शुरुआत ‘मीठे’ से करने की परंपरा है. इसी सोच के साथ दशकों पहले इसकी शुरुआत हुई थी. जैसे ही हलवा बंट जाता है, बजट की छपाई से जुड़े करीब 100 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में स्थित प्रिंटिंग प्रेस में ‘कैद’ हो जाते हैं.
ये लोग अगले कई दिनों तक (जब तक वित्त मंत्री संसद में बजट भाषण पूरा नहीं कर लेते) अपने परिवार से भी नहीं मिल सकते और न ही फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं. हलवा सेरेमनी उन अधिकारियों के समर्पण को सम्मान देने का एक तरीका भी है.
‘कैद’ हो जाते हैं अधिकारी (The Lock-in Period)
हलवा सेरेमनी के बाद जो अधिकारी बेसमेंट में जाते हैं, उनके लिए वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम होते हैं. वहां केवल एक लैंडलाइन फोन होता है जिस पर केवल इनकमिंग कॉल आ सकती है.
खुफिया ब्यूरो (IB) के अधिकारी वहां चौबीसों घंटे पहरा देते हैं ताकि बजट की कोई भी जानकारी लीक न हो सके. इन अधिकारियों के खाने और सोने का इंतजाम भी उसी बेसमेंट के अंदर किया जाता है.
डिजिटल बजट और बदलती परंपरा
छपाई की जगह पेनड्राइव: पहले बजट की हजारों प्रतियां छपती थीं, लेकिन 2021 के बाद से बजट ‘पेपरलेस’ हो गया है. अब प्रतियां बहुत कम छपती हैं और बजट डिजिटल फॉर्म में पेश किया जाता है.
भले ही छपाई कम हो गई हो, लेकिन डेटा फीडिंग और बजट को अंतिम रूप देने की गोपनीयता बनाए रखने के लिए आज भी ‘हलवा सेरेमनी’ और ‘लॉक-इन’ की प्रक्रिया निभाई जाती है.
कब होगी 2026 की हलवा सेरेमनी?
क्योंकि इस बार 1 फरवरी 2026 को बजट पेश किया जाना है, इसलिए हलवा सेरेमनी 20 से 24 जनवरी 2026 के बीच नॉर्थ ब्लॉक में आयोजित होने की संभावना है. इसके बाद ही बजट से जुड़े अधिकारी ‘अंडरग्राउंड’ हो जाएंगे.