बिहार के किसानों के लिए एक बहुत बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने इस साल धान की सरकारी खरीद (Paddy Procurement) की तारीखों का ऐलान कर दिया है. इसके साथ ही किसानों को उनकी फसल का उचित दाम देने और महज 48 घंटे के भीतर भुगतान करने की पूरी तैयारी कर ली गई है. हालांकि, दूसरी तरफ धान की फसलों पर लग रहे कीटों और रोगों ने किसानों की चिंता थोड़ी जरूर बढ़ा दी है.
कब से शुरू होगी धान की खरीद?
सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव की हाई-लेवल समीक्षा बैठक के बाद धान खरीद का शेड्यूल जारी कर दिया गया है. नए शेड्यूल के अनुसार उत्तर बिहार में 1 नवंबर से धान की खरीद शुरू होगी. वहीं दक्षिण बिहार में 15 नवंबर से धान की खरीद शुरू होगी.
किसानों को मिलेगा कितना न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)?
सरकार ने इस साल धान के जो दाम तय किए हैं, वे इस प्रकार हैं:
सामान्य धान (Common Paddy): 2,441 रुपये प्रति क्विंटल.
ग्रेड-ए धान (Grade-A Paddy): 2,461 रुपये प्रति क्विंटल.
सबसे अच्छी बात यह है कि धान बेचने के बाद किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि 48 घंटे के अंदर उनके बैंक खाते में पैसे भेज दिए जाएंगे.
आवेदन के लिए एग्री स्टैक आईडी है जरूरी
इस बार धान खरीद की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता रखने के लिए सरकार ने एग्री स्टैक (Agri Stack) के डेटा का इस्तेमाल करने का फैसला किया है. जो भी किसान धान बेचना चाहते हैं, वे समय रहते अपनी एग्री स्टैक आईडी (Agri Stack ID) जरूर बनवा लें.
इसके लिए आप पैक्स (PACS) या व्यापार मंडल के अध्यक्षों और प्रबंधकों से भी मदद ले सकते हैं. धान बेचने के लिए किसानों को आधिकारिक वेबसाइट esahkari.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा.
एक तरफ जहां धान बेचने की तारीखें आ गई हैं, वहीं दूसरी तरफ मौसम की बेरुखी और कीटों के हमले ने किसानों की नींद उड़ा दी है. कम बारिश के बाद अब खेतों में भूरा मधुआ कीट और चतरा रोग का प्रकोप तेजी से फैल रहा है. इस बीमारी में कीट धान के तनों और पत्तियों का रस चूस लेते हैं, जिससे पत्ते झुलसने लगते हैं, पौधे पीले पड़ जाते हैं और उनकी ग्रोथ रुक जाती है. किसानों का कहना है कि कीटनाशक छिड़कने के बाद भी असर सीमित दिख रहा है, जिससे 50 से 60 प्रतिशत तक पैदावार घटने का खतरा पैदा हो गया है.