Bank FD Rules: 1 सितंबर से बदल सकती हैं बैंक FD की ब्याज दरें! पैसे जमा करने से पहले जानें ये जरूरी बातें
Author: Vandana Bharti
Aug 29, 2026 07:50 AM IST
अगर आप अपने गाढ़े पसीने की कमाई को बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (Bank FD) में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है. 1 सितंबर से देश के कई बड़े बैंक अपनी FD की ब्याज दरों (FD Interest Rates) में बदलाव कर सकते हैं.
ब्याज दरों में होने वाले इस बदलाव का सीधा असर आपके मिलने वाले रिटर्न पर पड़ेगा. आइए समझते हैं कि इसका आपके निवेश पर क्या असर होगा और आपको FD कराने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
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ब्याज दरें घटने या बढ़ने का आप पर क्या असर पड़ेगा?
1 सितंबर से बैंकों द्वारा रीवाइज़ (Revise) की जाने वाली ब्याज दरों के दो पहलू हो सकते हैं. पहला ये कि अगर बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती की, तो नई FD कराने वाले ग्राहकों को पहले की तुलना में थोड़ा कम रिटर्न (मुनाफा) मिलेगा. और दूसरा पहलू ये है कि अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो नए निवेशकों को अपनी जमा राशि पर ज्यादा ब्याज का फायदा मिलेगा.
जिन लोगों ने पहले से ही अपनी FD लॉक (Book) करा रखी है, उनकी मौजूदा ब्याज दर पर इस बदलाव का कोई असर नहीं पड़ेगा. यह बदलाव केवल नई FD या पुरानी FD को रिन्यू कराने पर ही लागू होगा .
FD में निवेश करने से पहले ध्यान रखें ये 3 जरूरी बातें
अगर आप 1 सितंबर या उसके बाद एफडी कराने जा रहे हैं, तो इन बातों को बिल्कुल न भूलें:
- सभी बैंकों की दरों की तुलना (Compare Rates) करें: किसी भी एक बैंक में सीधे पैसे जमा करने के बजाय सरकारी और प्राइवेट बैंकों (जैसे SBI, HDFC, ICICI) के साथ-साथ स्मॉल फाइनेंस बैंकों की ब्याज दरों की तुलना जरूर कर लें.
- स्पेशल FD स्कीम्स चेक करें: कई बैंक 399 दिन या 444 दिन जैसी विशेष अवधियों के लिए आम एफडी से ज्यादा ब्याज देते हैं.
- सीनियर सिटीजन्स के लिए अतिरिक्त फायदा: अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं, तो आपको सामान्य ग्राहकों की तुलना में 0.50% तक ज्यादा ब्याज मिलता है, इसका लाभ जरूर उठाएं.